Top

Google-Facebook को झटका: मुफ्त खबरों पर रोक, सरकार ने तय की भुगतान राशि

ऑस्ट्रेलिया ने गूगल और फेसबुक को बड़ा झटका दिया है। सरकार ने दोनों नेटवर्किंग साइट पर मुफ्त में खबरे लगाने पर रोक लगा दी और उनके लिए पेमेंट डील तय कर दी है

Shivani Awasthi

Shivani AwasthiBy Shivani Awasthi

Published on 17 Feb 2021 6:17 AM GMT

Google-Facebook को झटका: मुफ्त खबरों पर रोक, सरकार ने तय की भुगतान राशि
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

लखनऊ: ऑस्ट्रेलिया ने गूगल और फेसबुक को बड़ा झटका दिया है। सरकार ने दोनों नेटवर्किंग साइट पर मुफ्त में खबरे लगाने पर रोक लगा दी और उनके लिए पेमेंट डील तय कर दी है। इस बाबत ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने कहा कि गूगल न्यूज़ और फेसबुक अब घरेलू मीडिया कंपनियों को खबरों के लिए भुगतान करेंगे। इसके लिए पिछले हफ्ते ही ऑस्ट्रेलियाई वित्त मंत्री होज़े फ्राइडेंगबर्ग ने फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई के साथ बातचीत की थी।

ऑस्ट्रेलिया में मीडिया कंटेंट साइट पर दिखाने के लिए पैसो वाला कानून पास

दरअसल, ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने एक ऐसा कानून पास किया है जिसके तहत इंटरनेट कंपनियों के लिए अनिवार्य किया गया है कि वे जो भी समाचार आदि मीडिया कंटेंट अपनी साइट्स पर दिखाएंगी उसके लिए उनको पैसा देना होगा। यानी मुफ्त में खबर लेकर अपनी साईट पर नहीं दिखा सकेंगे। मीडिया संस्थानों को उनके कंटेट के लिए एक निश्चित रकम देना होगा। ऐसा न करने पर इन कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। आस्ट्रेलिया सरकार ने इस कदम को मीडिया संस्थानों को मजबूती और स्वतंत्र करने की दिशा में एक जरूरी कदम बताया है। जबकि गूगल और फेसबुक जैसी दिग्गज कंपनियों ने इसका विरोध किया था।

ये भी पढ़ें- सावधान! लखनऊ में पहुंच चुका है विस्फोटक, सूबे में हाई अलर्ट जारी

गूगल ने दी चेतावनी

मामले में गूगल ने चेतावनी दी थी कि दुनिया का पहला मीडिया कानून फालतू है और ये इंटरनेट के कामकाज को कमजोर करेगा। गूगल आस्ट्रेलिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मेल सिल्वा ने कहा है कि अगर कानून लागू होता है तो हमारे पास गूगल सर्च को आस्ट्रेलिया में बंद करने के सिवा कोई विकल्प नहीं बचेगा। फेसबुक ने भी इस कानून को काम करने में मुश्किल करने वाला बताया है और कहा है कि वह आस्ट्रेलियाई मीडिया को अपने प्लेटफॉर्म पर पब्लिश करना बंद कर देगा।

ये भी पढ़ें- किसान हिंसा का तलवारबाज: लाल किले पर मचाया उपद्रव, दिल्ली पुलिस के चढ़ा हत्थे

कानून के जिस पहलू पर सबसे ज्यादा विवाद है वह यह है कि अगर तीन महीने तक गूगल और फेसबुक तीन महीने में मीडिया कंपनियों के साथ कंटेंट की कीमत पर कोई समझौता नहीं कर पाते हैं तो उन्हें एक अनिवार्य मध्यस्थता को स्वीकार करना होगा। ये मध्यस्थ न्यूज आउटलेट के प्रस्ताव पर टेक कंपनी के साथ बात करेगा और उस पर एक सहमति तैयार करेगा। इस कानून के तहत टेक कंपनियां भुगतान से बचने के लिए अगर कंटेंट को ब्लॉक करती हैं तो उन्हें जुर्माना देना होगा।

प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन का गूगल की धमकी पर जवाब

बाद में गूगल की धमकी का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा है कि आस्ट्रेलिया अपने नियम उन चीजों के लिए बनाता है जो आप आस्ट्रेलिया में कर सकते हैं। ये हमारी संसद में बनता है। जो लोग इसके साथ आस्ट्रेलिया में काम करना चाहते हैं उनका स्वागत है। लेकिन हम धमकियों का जवाब नहीं देते। प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि अगर गूगल अपना सर्च इंजन आस्ट्रेलिया में बंद करता है तो उस स्थिति में माइक्रोसॉफ्ट सर्च इंजन ‘बिंग’ ऑस्ट्रेलिया में गैप भर सकता है। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने प्रधानमंत्री मॉरिसन के साथ नए नियमों के बारे में बात की है। आस्ट्रेलिया के सर्च मार्केट में 94 फीसदी हिस्सेदारी गूगल सर्च इंजन की है।

google australia

ऑस्ट्रेलिया करेगा डिजिटल न्यूज के लिए कानून में संशोधन

इसी कड़ी में मंगलवार को आस्ट्रेलिया की सरकार ने कहा कि मसौदा कानूनों में यह स्पष्ट करने के लिए संशोधन किया जाएगा कि गूगल (Google) और फेसबुक समाचारों (Facebook News) के लिए प्रकाशकों को समाचार के लिंक पर पर प्रति क्लिक के बजाय एकमुश्त राशि का भुगतान करेंगे। एक सरकारी बयान में इन विधायी बदलावों को ‘स्पष्टीकरण और तकनीकी संशोधन’ बताया गया है।

दोस्तों देश दुनिया की और को तेजी से जानने के लिए बनें रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।

Shivani Awasthi

Shivani Awasthi

Next Story