इमरान से छिनेगा पाकिस्तान! तो जल्द होगा ये बड़ा फैसला, आप भी जान लें

खबर ये भी आ रही है कि पाकिस्तान में विपक्ष प्रधानमंत्री इमरान खान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है, बता दें कि इसी संदंर्भ में बैठक हुई है। लेकिन इसी खबर ये आ रही है कि बैठक में विपक्ष के नेताओं से बातचीत में आजादी मार्च को रद करने पर चर्चा हुई है, लेकिन विपक्ष इसपर अड़ा हुआ है। इस तरह अब इमरान खान के इस्तीफे की अटकलें तेज होती जा रही हैं।

नई दिल्ली: पाकिस्तान में सरकार और विपक्ष के बीच तकरार साफ देखी जा सकती है, खबर है कि 31 अक्टूबर को प्रस्तावित पीएम इमरान खान के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘आजादी मार्च’ को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत निरर्थक रही। इसके साथ ही सरकार और विपक्ष के नेताओं के बीच इस बैठक में तीखी नोंक-झोंक हुई है।

प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग…

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खबर ये भी आ रही है कि पाकिस्तान में विपक्ष प्रधानमंत्री इमरान खान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है, बता दें कि इसी संदंर्भ में बैठक हुई है। लेकिन इसी खबर ये आ रही है कि बैठक में विपक्ष के नेताओं से बातचीत में आजादी मार्च को रद करने पर चर्चा हुई है, लेकिन विपक्ष इसपर अड़ा हुआ है। इस तरह अब इमरान खान के इस्तीफे की अटकलें तेज होती जा रही हैं।

बता दें, पाकिस्तान में विपक्ष के नेता 31 अक्टूबर को पीएम इमरान खान के खिलाफ आजादी मार्च निकालने जा रहे हैं। विपक्ष इमरान खान पर आर्थिक कुप्रबंधन का आरोप लगाकर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

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रक्षा मंत्री परवेज खट्टक लिया बैठक में हिस्सा..

सरकार की ओर से पाकिस्तान के रक्षा मंत्री परवेज खट्टक ने इस बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि पहले चरण की वार्ता लगभग दो घंटे चली।

खट्टक ने कहा…

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री परवेज के अनुसार यह मीटिंग सौहार्दपूर्ण वातावरण में आयोजित की गई। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बहुत चर्चा के बाद भी कोई महत्वपूर्ण निष्कर्ष आज के बारे में नहीं निकल सका लेकिन यह बातचीत जारी रहेगी। वहीं विपक्षी खेमे से JUI-F के नेता दुर्रानी ने कहा कि बातचीत में कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका।

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गौरतलब है कि विपक्ष ने बुधवार को इमरान खान की घोषणा के बाद सरकारी टीम के साथ बातचीत करने के लिए सहमति व्यक्त की कि वह मार्च को आगे बढ़ने की अनुमति देगा जब तक कि एक वैध विरोध के लिए अदालतों द्वारा निर्धारित मापदंडों का उल्लंघन नहीं किया गया।

जेयूआई-एफ के प्रमुख मौलाना फज़ल ने किया था घोषणा…

ज्ञात हो कि जेयूआई-एफ के प्रमुख मौलाना फज़ल ने जून में घोषणा करते हुए कहा था कि उनकी पार्टी ने सरकार को गिराने के लिए अक्टूबर के महीने में इस्लामाबाद में सरकार विरोधी लंबे मार्च का आफ़ज़ल ने पहले 27 अक्टूबर को लॉन्ग मार्च की तारीख निर्धारित की थी, लेकिन बाद में इसे 31 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया।

बताते चलें कि इस तरह आने वाले वक्त में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें जरूर थोड़ी बढ़ सकती हैं। इसको लेकर पाकिस्तान में गहमागहमी तेज है।