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हुआ बड़ा खुलासा: यहां भारत-पाकिस्तान के लोगों की जान को ज्यादा खतरा

कार्यालय की ओर से कहा गया कि गोरे लोगों की तुलना में भारतीयों, बांग्लादेशियों, पाकिस्तानियों और अश्वेत लोगों की कोरोना वायरस से मरने की ज्यादा संभावना है।

Aradhya Tripathi

Aradhya TripathiBy Aradhya Tripathi

Published on 8 May 2020 11:33 AM GMT

हुआ बड़ा खुलासा: यहां भारत-पाकिस्तान के लोगों की जान को ज्यादा खतरा
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पिछले कुछ समय से पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार जारी है। ऐसे में कोरोना वायरस को लेकर रोज नए खुलासे होते और नई नई जानकारियां सामने आती रहती हैं। इसी कड़ी में ब्रिटेन के सांख्यिकी कार्यालय की स्टडी में सामने आई एक नई बात ने सभी को हैरानकर दिया है। कार्यालय की ओर से कहा गया कि गोरे लोगों की तुलना में भारतीयों, बांग्लादेशियों, पाकिस्तानियों और अश्वेत लोगों की कोरोना वायरस से मरने की ज्यादा संभावना है। यह संभावना एडजस्टेड मॉडल को ध्यान में रखकर जताई गई है।

गोरों की तुलना में मिले-जुले नस्ल वालों में मौत का ज्यादा खतरा

ब्रिटिश कार्यालय की ओर से किए गए इस दावे के बाद पूरी दुनिया में ये बात चर्चा का विषय बनी हुई है। एडजस्टेड मॉडल में किसी देश की विशिष्ट संस्कृति को ध्यान में रखकर आंकड़े तैयार किए जाते हैं। ऐसे में ब्रिटिश सांख्यिकी कार्यालय की ओर से ये भी कहा गया है कि सामाजिक-आर्थिक कारकों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट तौर पर यह देखा गया है कि विभिन्न जातीय समूहों के लोगों में कोरोना वायरस का खतरा अलग-अलग था।

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सांख्यकी कार्यालय की ओर से साफ़ तौर पर कहा गया, '' गोरे लोगों की तुलना में बांग्लादेशी, पाकिस्तानी, भारतीय और कुछ मिले-जुले नस्ल वालों में कोरोना वायरस से मौत का खतरा ज्यादा है।'' वायरस पर अध्ययन करने वालों नेपाय कि इन आंकड़ों में उम्र, लिंग, और जाति के आधार पर कई तरह के अंतर पाए गए। वहीं अध्ययन करने वालों ने बताया कि इन सभी की मृत्यु दर्में भी अंतर पाया गया।

अश्वेत परुषों की मौत आंकड़ा 4.2 गुना अधिक

अध्ययन में सांख्यकी कार्यालय ने पाया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी चीजों के अभाव में गोरे लोगों के मुकाबले अश्वेत पुरुषों की मौत का आंकड़ा 4.2 गुना ज्यादा था। वहीं गोरी महिलाओं की तुलना में कोरोना से मरने वाली अश्वेत आनुवंशिकी की महिलाओं की संख्या 4.3 गुना अधिक थी। वहीं कार्यालय की ओर से किए गए एडजस्टेड मॉडल में पता चला कि कोरोना वायरस से मरने वालों में गोरी प्रजाति की तुलना में अश्वेत पुरुषों और महिलाओं की मौत की संभावना 1.9 गुना अधिक थी।

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इस माडल के अध्ययन के अनुसार बांग्लादेश और पाकिस्तान के पुरुषों की कोरोना से मौत की संभावना 1.8 गुना अधिक है। वहीं कार्यालय की ओर से कहा गया कि चीन और मिश्रित नस्ल वाले लोगों में भी समान खतरा है। संयुक्त राज्य अमेरिका के आंकड़ों से भी पता चला है कि Covid-19 से मरने वालों में अफ्रीकी अमेरिकियों की संख्या ज्यादा है।

Aradhya Tripathi

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