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इजराइल के खिलाफ गया भारत, UN में किया फिलिस्तीन के लिए वोटिंग

मंगलवार को हुई संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भारत ने फिलिस्तीनियों के आत्म-संकल्प के अधिकार से संबंधित प्रस्ताव का समर्थन किया। भारत के अलावा कुल 164 देशों ने फिलिस्तीन के फेवर में वोटिंग की।

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ShreyaBy Shreya

Published on 22 Nov 2019 3:37 AM GMT

इजराइल के खिलाफ गया भारत, UN में किया फिलिस्तीन के लिए वोटिंग
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मन की बात: जानिए 59वीं बार देश को संबोधित करते हुए PM मोदी ने क्या कहा
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यूएन: मंगलवार को हुई संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भारत ने फिलिस्तीनियों के आत्म-संकल्प के अधिकार से संबंधित प्रस्ताव का समर्थन किया। भारत के अलावा कुल 164 देशों ने फिलिस्तीन के फेवर में वोटिंग की। इस बैठक में केवल अमेरिका, इजरायल, नाउरु, माइक्रोनेशिया और मार्शल आइलैंड ने फिलिस्तीन के खिलाफ वोटिंग की है।

इन देशों ने वोटिंग से बनाई दूरी

वहीं 9 देशों ने इस वोटिंग से दूरी बना ली, इसमें ऑस्ट्रेलिया, गुएंटेमाला और रवांडा भी शामिल हैं। बता दें कि, ये प्रस्ताव उत्तर कोरिया, निकारगुआ, मिस्त्र, फिलिस्तीन और जिम्बॉब्वे द्वारा लाया गया था। प्रस्ताव पर सभी देशों ने 19 नवंबर को वोट डाले। विवादित फिलिस्तीन क्षेत्र में इजरायली बसावट को लेकर अमेरिका के अपनी नीति बदलने के एक दिन बाद इस मतदान को करवाया गया है।

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अमेरिका ने 4 दशक पुरानी अपनी विदेश नीति में किया बदलाव

गौरतलब है कि, अमेरिका ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक पर करीब 4 दशक पुरानी अपनी विदेश नीति में बदलाव किए थे। इंटरनेशलन लॉ के मुताबिक, इजराइल की ओर से वेस्ट बैंक में की गई बसावट अवैध है लेकिन इजराइल इससे इंकार करता है। वहीं तीन दिन पहले अमेरिका की ओर से इजरायल के रुख का समर्थन कर दिया।

सोमवार को अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि, वेस्ट बैंक में की गई बसावट को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताने से कुछ हासिल नहीं हुआ और न ही इससे शांति का मार्ग प्रशस्त हुआ। लेकिन संयुक्त राष्ट्र की ओर से अमेरिका के बयान की आलोचना की गई। मंगलवार को UN प्रवक्ता स्टीफेन दुजारिक ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि, UN अपने पुराने रुख पर ही कायम है कि विवादित फिलिस्तीन क्षेत्र में इजरायल की बसावट अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।

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19 नवंबर को जिस प्रस्ताव पर वोटिंग हुई, उसमें फिलिस्तीनियों के आत्म-संकल्प के अधिकार को मान्यता दी गई। इसके साथ ही 1967 में शुरू हुए इजरायल के कब्जे को खत्म किए जाने पर भी जोर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि, संयुक्त राष्ट्र के संकल्पों के अंतर्गत फिलिस्तीन और इजरायल के बीच एक न्यायपूर्ण और समावेशी शांति समझौता कायम हो।

भारत सालों से करता आया है फिलिस्तीन का समर्थन

विदेश मंत्रालय के अनुसार, फिलिस्तीन का समर्थन करना भारत की विदेश नीति का अभिन्न अंग है। साल 1974 में भारत ऐसा पहला गैर-अरब देश बना, जिसने फिलिस्तीन मुक्ति संगठन को मान्यता दी। इसके अलावा साल 1988 में भारत फिलिस्तीन को मान्यता देने वाले अग्रणी देशों में से एक था। भारत ने कई मंचों पर फिलीस्तीन का समर्थन किया है।

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