काला हुआ समुद्र का पानी: देश के लिए पैदा होता खतरा, इमरजेंसी घोषित

मॉरीशस के बीच जो हमेशा से साफ पानी के लिए मशहूर थे, जब उनका पानी काला हो गया है। समुद्र के इस काले पानी की हजारों लोग सफाई करने में लगे हुए हैं। मॉरीशस की खूबसूरती वहां के समुद्र तटों की वजह से और बढ़ जाती है।

Mauritius beaches

काला हुआ समुद्र का पानी: देश के लिए पैदा होता खतरा, इमरजेंसी घोषित

पोर्ट लुइस। मॉरीशस के बीच जो हमेशा से साफ पानी के लिए मशहूर थे, जब उनका पानी काला हो गया है। समुद्र के इस काले पानी की हजारों लोग सफाई करने में लगे हुए हैं। मॉरीशस की खूबसूरती वहां के समुद्र तटों की वजह से और बढ़ जाती है। ऐसे में हालात ये हो गए हैं कि ये समुद्र अब काले नाले के प्रतीत होते हैं। यहां की ये हालत जापान के एक तेल टैंकर जहाज की वजह से हुई है जो 25 जुलाई से मॉरीशस दक्षिणपूर्वी तट पर फंसा हुआ है और इसमें से कच्चे तेल का रिसाव हो रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, टैंकर से अभी तक 1000 टन तेल बह चुका है जिसकी वजह से समुद्र का पानी काला हो गया है और ऐसे में मॉरीशस ने ‘पर्यावरणीय आपातकाल’ की घोषणा कर दी है।

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मॉरीशस की खूबसूरती को बर्बाद

सामने आई रिपोर्ट की खबर के अनुसार, एमवी वाकाशिवो नामक यह तेल टैंकर 25 जुलाई से फंसा हुआ है और इससे हो रहे तेल के रिसाव ने मॉरीशस की खूबसूरती को बर्बाद करके रख दिया है।

मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ ने पर्यावरणीय आपातकाल की स्थिति घोषणा कर दी है और कहा है कि इससे देश के लिए खतरा पैदा हो गया है। जगन्नाथ ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद मांगी है।

पर्यावरण संरक्षण यानी पर्यावरण को बचाने के लिए काम करने वाले ग्रीनपीस का कहना है कि इससे मॉरीशस में अब तक सबसे भयावह पर्यावरणीय संकट पैदा हो जाएगा। इससे समुद्री जीव जंतुओं के साथ ही पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

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Mauritius beaches

प्रदूषण नियंत्रण करने वाले उपकरण

ऐसे में शुक्रवार को जारी सैटेलाइट तस्वीर में नीले रंग के समुद्री पानी पर गहरे रंग का तेल फैलता नजर आ रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कहा कि उनका देश मॉरीशस की मदद के लिए विशेष दल और उपकरण भेज रहा है। मॉरीशस के करीब फ्रांस का रीयूनियिन द्वीप है। जहां से शनिवार को प्रदूषण नियंत्रण करने वाले उपकरणों के साथ सैन्य विमान मौके पर भेजा गया है।

इस संकट की घड़ी में मॉरीशस के लोगों ने वॉलंटियर समुद्र तटों की सफाई का काम शुरू कर दिया है। रिपोर्ट में सामने आई खबर के अनुसार, रविवार को हजारों की संख्या में आम लोगों ने प्रिंसटन बीच और आस-पास के इलाकों के समुद्र तट पर सफाई में राहतकर्मियों का साथ दिया।

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स्थिति और बिगड़ जाएगी

ऐसे में जापान ने कहा है कि वे लगातार टैंकर से हो रहे रिसाव को रोकने की दिशा में काम कर रहे हैं। लेकिन अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, अब टैंकर को डूबने से बचा पाना लगभग नामुमकिन है और स्थिति के ख़राब होने की आशंकाएं ज्यादा हैं।

पीएम जगन्नाथ ने कहा कि अगर टैंकर पूरी तरह डूब जाता है तो स्थिति और बिगड़ जाएगी और समुद्र तटों पर तेल और ज्यादा इकठ्ठा होने लगेगा।

इसके चलते जापानी तेल कंपनी एमवी वाकाशिवो ने भी एक बयान जारी कर मॉरीशस से माफ़ी मांगी है। कंपनी का दावा है कि अब ही तक सिर्फ 1000 टन तेल का ही रिसाव हुआ है। आगे कंपनी ने कहा कि जो भी हो रहा है हम उसके लिए माफ़ी मांगते हैं और हमसे जो भी हो सकता है वो करने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं।

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