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केपी ओली को पार्टी से निकाला: सदस्यता भी की रद्द, नेपाल में बढ़ा सत्ता संघर्ष

देश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री केपी ओली के खिलाफ उनकी ही पार्टी ने मोर्चा खोल दिया। कम्युनिस्ट पार्टी ने केपी ओली शर्मा की सदस्य्ता रद्द करते हुए उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया है।

Shivani Awasthi

Shivani AwasthiBy Shivani Awasthi

Published on 24 Jan 2021 3:23 PM GMT

केपी ओली को पार्टी से निकाला: सदस्यता भी की रद्द, नेपाल में बढ़ा सत्ता संघर्ष
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नेपाल में राजनैतिक संकटः ओली-प्रचंड गुटों में संघर्ष तेज, जाने संसद भंग होगी या नहीं
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नई दिल्ली. नेपाल में राजनीतिक संकट का दौर चल रहा है। देश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री केपी ओली के खिलाफ उनकी ही पार्टी ने मोर्चा खोल दिया। कम्युनिस्ट पार्टी ने केपी ओली शर्मा की सदस्य्ता रद्द करते हुए उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया है। स्प्लिन्टर समूह के प्रवक्ता नारायण काजी श्रेष्ठ ने जानकारी दी कि केपी शर्मा ओली की सदस्यता को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी ने केपी ओली को पार्टी से निकाला

दरअसल, नेपाल की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी में केपी ओली के खिलाफ ही बगावत होने लगी थी, जिसके बाद एनसीपी के पृथक धड़े के नेता पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने बीते शुक्रवार सरकार विरोधी एक बड़ी रैली का नेतृत्व किया। प्रचंड ने इस मौके पर कहा कि पीएम ओली ने नेपाल की संसद को अवैध तरीके से भंग किया, जिससे नेपाल में बेहद मुश्किलों से प्राप्त हुई संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य प्रणाली के लिए गंभीर खतरा खड़ा हो गया।

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पार्टी ने सदस्यता की रद्द

पूर्व पीएम प्रचंड ने अपने सम्बोधन में आरोप लगाया कि ओली ने पार्टी के संविधान और प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया है। इसके साथ ही बतौर पीएम उन्होंने नेपाल के संविधान की मर्यादा का भी उल्लंघन किया और लोकतांत्रिक रिपब्लिक प्रणाली के खिलाफ काम किया। प्रचंड ने कहा कि ओली के इस कदम के बाद नेपाल के लोग विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर हो गए हैं।

KP OLI

पूर्व पीएम प्रचंड ने की सरकार के खिलाफ रैली

गौरतलब है कि प्रचंड और ओली के बीच काफी समय से सत्ता संघर्ष जारी है। इन सब के बीच 20 दिसंबर 2020 को नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली ने अचानक प्रतिनिधि सभा भंग करने की सिफारिश पेश की, जिसके बाद राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने उनकी अनुशंसा पर उसी दिन प्रतिनिधि सभा को भंग कर दिया। वहीं अब नेपाल में 30 अप्रैल और 10 मई के बीच नए चुनाव होने हैं।

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