शर्मिंदा होगा पाकिस्तान: कश्मीर मुद्दे पर फिर UNHRC में कराएगा बेज्जती

अनुच्छेद 370 के जम्मू-कश्मीर से हटाए जाने के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट कम नहीं हुई है।

नई दिल्ली: अनुच्छेद 370 के जम्मू-कश्मीर से हटाए जाने के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट कम नहीं हुई है। पाकिस्तान हर बार इसी फिराक में है कि वो कश्मीर के मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा बनाने में लगा है। हालांकि कई देशों ने भारत का साथ देते हुए इसे भारत का आंतरिक मामला करार दिया है। पिछली बार पाकिस्तान ने श्रीलंका में हुए सम्मेलन के दौरान भी कश्मीर के मुद्दे को उठाने की कोशिश की थी पर वहां पर भी पाकिस्तान को शर्मिंदगी झेलनी पड़ी। एक बार फिर पाकिस्तान कश्मीर के मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उठाने की फिराक में है।

UNHRC में पाकिस्तान उठा सकता है कश्मीर मुद्दा-

दरअसल, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद् (UNHRC) का आज पहला सत्र शुरु होने जा रहा है। जहां पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद् (UNHRC) में कश्मीर के मुद्दे को उठा सकता है। लेकिन भारत भी इसका मुंह तोड़ जवाब देने को तैयार है। इससे एक बार फिर पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर शर्मसार होना पड़ सकता है। बता दें कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी 9 से 27 सितंबर तक जिनेवा में होने वाले इस सत्र में भारत के खिलाफ पाकिस्तान का नेतृत्व करने वाले हैं।

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दिल्ली और जिनेवा में मौजूद राजनयिकों को सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान इस अंतर्राष्ट्रीय मंच पर कश्मीर के मुद्दे को उठा सकता है। वहीं भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद् के सभी 47 सदस्यों से मिलकर उन्हें कश्मीर की स्थिति से भी अवगत करा चुके हैं। साथ ही राष्ट्रीय सलाहकार अजीत डोभाल भी कश्मीर में किसी भी तरह की कोई हिंसा न हो इसीलिए वहां की स्थिति को बखूबी संभाला हुआ है।

मतदान करवाने की कर सकता है अपील-

बताया जा रहा है कि पाकिस्तान कश्मीर पर मानवाधिकार के उल्लंघन का हवाला देते हुए प्रस्ताव ला सकता है या इस पर मतदान कराने की अपील भी कर सकता है। पाकिस्तान ने इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में कश्मीर के मुद्दे को उठाया था लेकिन वहां भी पाकिस्तान की नहीं चली थी और उसे शर्मसार होना पड़ा था। पाकिस्तान एक भी मौका नहीं छोड़ रहा है और अंतर्राष्ट्रीय मंच कश्मीर के मुद्दे लगातार उठाता आ रहा है। लेकिन हर जगह उसे नाकामयाबी ही हाथ लगी है।

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