बड़ी खबर: स्पेस में फटा रूसी रॉकेट, टुकड़ों से सैटेलाइट्स को खतरा

रूसी अंतरिक्ष एजेंसी के रॉकेट का ऊपरी हिस्सा अंतरिक्ष में फट गया है। अब इससे निकलने वाला कचरा पृथ्वी की कक्षा में फैल गया है। 8 मई को हिंद महासागर के ऊपर रूसी रॉकेट टूटा और उसके 65 टुकड़े पृथ्वी के ऊपर घूम रहे सैटेलाइट्स के लिए खतरा बनकर मंडरा रहे हैं। ये टुकड़े सैटेलाइट्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

नई दिल्ली: रूसी अंतरिक्ष एजेंसी के रॉकेट का ऊपरी हिस्सा अंतरिक्ष में फट गया है। अब इससे निकलने वाला कचरा पृथ्वी की कक्षा में फैल गया है। 8 मई को हिंद महासागर के ऊपर रूसी रॉकेट टूटा और उसके 65 टुकड़े पृथ्वी के ऊपर घूम रहे सैटेलाइट्स के लिए खतरा बनकर मंडरा रहे हैं। ये टुकड़े सैटेलाइट्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

इसके दर्जनों टुकड़े मलबे के रूप में धरती पर आ गिरे हैं। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉसमॉस के मुताबिक, 2011 में फ्रेगैट-एसबी (Fregat-SB) रॉकेट ने (स्पेक्टर-आर) Spektr-R सैटलाइट को लॉन्च किया था।

लॉकडाउन की जमकर उड़ाई गई धज्जियां, यहां से 100 प्रवासी मजदूर गिरफ्तार

स्पेक्टर-आर एक रेडियो टेलिस्कोप था जिसे रूसी एजेंसी ने लॉन्च किया था, लेकिन पिछले साल इसने ग्राउंड कंट्रोल को सूचना देना बंद कर दिया था जिसके बाद मई 2019 में इस डेड घोषित कर दिया गया। रॉसकॉसमॉस ने 8 मई को रॉकेट के टूटने की पुष्टि की है और यह हिंद महासागर में जाकर कहीं गिरा है। रूसी स्पेस एजेंसी अभी फिलहाल यह जानकारी जुटा रही है कि इसके कितने हिस्से टूटे हैं और धरती पर रॉकेट कहां ऑर्बिट कर रहा है।

वहीं, US18 स्पेस कंट्रोल स्क्वाड्रन ने धऱती की कक्षा में सभी ऑब्जेक्ट का पता लगा लिया है और इसका कहना है कि ऑर्बिट में मौजूद रॉकेट से कम से कम 65 टुकड़े गिरे हैं। US18 ने ट्वीट किया, ‘हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि Fregat-SB 8 मई 2020 को टूट गया। हमें 65 टुकड़े मिले हैं- हालांकि, किसी तरह के टकराव के संकेत नहीं हैं।’

Live: लॉकडाउन पर बोले पीएम मोदी- दो गज की दूरी कम हुई तो संकट बढ़ेगा