चीन की हांगकांग नीति पर ट्रंप हमलावर, विशेष दर्जे को खत्म करने का बड़ा ऐलान

व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि चीन की संसद ने हांगकांग लोगों को कमजोर करने के लिए हाल में नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को मंजूरी दी है।

अंशुमान तिवारी

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन द्वारा हांगकांग के लिए बनाए गए विवादास्पद नए कानूनों को लेकर चीन पर बड़ा हमला बोला है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने बड़ा एलान करते हुए कहा कि अमेरिकी सरकार की ओर से हांगकांग को मिले विशेष दर्जे को खत्म कर दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि चीन हांगकांग की सम्प्रभुता का गला घोंट रहा है और इसलिए उसके खिलाफ कड़े कदम उठाना जरूरी है।

चीनी संसद की मंजूरी से ट्रंप नाराज

व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि चीन की संसद ने हांगकांग लोगों को कमजोर करने के लिए हाल में नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को मंजूरी दी है। चीन की संसद द्वारा इस कानून को मंजूरी देने के एक दिन बाद मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि यह त्रासदीपूर्ण स्थिति है। हांगकांग में 1997 से एक देश और दो प्रणाली का फार्मूला रहा है। ट्रंप ने कहा कि चीन ने एक देश, दो प्रणाली के फार्मूले को बदलकर एक देश, एक प्रणाली का फार्मूला लागू कर दिया है।

हांगकांग को विशेष तरजीह देने की नीति खत्म

ट्रंप ने कहा कि हांगकांग के संबंध में चीन के इस विवादित कदम के बाद अमेरिका हांगकांग को अलग और विशेष तरजीह देने वाले नीतिगत मुद्दों को खत्म कर देगा। ट्रंप ने कहा कि मैंने इस बाबत अपने प्रशासन को निर्देश जारी कर दिया है। ‌ उन्होंने कहा कि यह आदेश अमेरिका और हांगकांग के बीच हुए सभी समझौतों पर लागू होगा।

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दुनिया के दो बड़े देशों में बढ़ी तल्खी

दुनिया भर में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के बाद से ही ट्रंप चीन पर काफी हमलावर रहे हैं। उनका आरोप है कि इस वायरस का संक्रमण चीन के वुहान शहर से ही पूरी दुनिया में फैला है। चीन ने इस वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए न तो कोई कदम उठाया और न दुनिया के अन्य देशों को समय से इस बारे में कोई जानकारी ही दी। चीन की कई कंपनियों को अमेरिका ने काली सूची में डाल दिया है। साथ ही अमेरिकी शेयर बाजार में चीनी कंपनियों की लिस्टिंग रोकने के लिए भी कदम उठाए हैं। ट्रंप के इव कदमों से दुनिया के इन दो ताकतवर देशों के बीच में तल्खी और बढ़ गई है।

चीनी छात्रों के प्रवेश पर लगाई रोक

इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से संबंध रखने वाले चीन के छात्रों और शोधकर्ताओं के देश में प्रवेश पर रोक लगाने का भी एलान किया है। माना जा रहा है कि अमेरिका से बौद्धिक संपदा और प्रौद्योगिकी हासिल करने के लिए स्नातक छात्रों का इस्तेमाल करने की चीनी कोशिशों को खत्म करने के लिए ही ट्रंप प्रशासन की ओर से यह कदम उठाया गया है।

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हाल के दिनों में अमेरिका और चीन के बीच कोरोना वायरस की उत्पत्ति, चीनी कंपनियों पर कार्रवाई, चीन की आक्रामक सैन्य गतिविधियों को लेकर तनाव काफी बढ़ा है। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति चीन के खिलाफ और कड़े कदमों का भी एलान कर सकते हैं।

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