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अब जंग से नहीं, इस नए तरीके से ईरान को हराएगा अमेरिका

अमेरिका-ईरान विवाद को लेकर अमेरिकी सदन ने जंग रोकने के पक्ष में प्रस्ताव पारित किया, जिसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप के हाथ बंध गये, लेकिन ट्रंप ने अटैक करने का नया तरीका ढूढ़ निकाला।

Shivani Awasthi

Shivani AwasthiBy Shivani Awasthi

Published on 11 Jan 2020 3:43 AM GMT

अब जंग से नहीं, इस नए तरीके से ईरान को हराएगा अमेरिका
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दिल्ली: अमेरिका-ईरान विवाद को लेकर अमेरिकी संसद ने जंग रोकने के पक्ष में प्रस्ताव पारित किया था, जिसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाथ बंध गये, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर अटैक करने का नया तरीका ढूढ़ निकाला। इस कड़ी में अब ट्रंप सरकार ने ईरान पर कुछ नई पाबंदियां लगाई हैं। गौरतलब है कि ईरान ने पिछले दिनों ईराक स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और दूतावास पर हमला किया था, जिसके बाद अमेरिका ने शुक्रवार को यह फैसला लिया है।

अमेरिका ने ईरान पर लगाई पाबंदियां:

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और वित्त मंत्री स्टीवन म्नुचिन ने ईरान पर लगी अमेरिकी पाबंदियों के बारे में शुक्रवार को जानकारी देते हुए कहा कि इन नए प्रतिबंधों से उन आठ वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों पर भी प्रभाव पड़ेगा, जो बीते दिन हुई मिसाइल स्ट्राइक में शामिल थे।

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वित्त मंत्री के मुताबिक़, ईरान के कई सेंटर पर प्रतिबंध का असर पड़ेगा। दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी कपड़ा, निर्माण, विनिर्माण या खनन आदि व्यवसायों पर प्रतिबंध का आदेश दिया है। वहीं ईरान इस्पात और लौह क्षेत्रों को लेकर भी पाबंदियां लगाई गयी हैं।

बता दें कि ईरान आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है। गौरतलब है कि ट्रंप सरकार ने 2015 के परमाणु समझौते के तहत ढील दिए गए सभी अमेरिकी प्रतिबंधों को पहले ही बहाल कर दिया है, जिससे ईरान में आर्थिक कठिनाई पैदा हो गई है और उसके तेल निर्यात में ऐतिहासिक कमी आई है। ऐसे में नए अमेरिकी प्रतिबंधों से ईरान को मिलने वाली अरबों डॉलर के सपोर्ट में कटौती भी होगी।

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ध्यान, दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर ईरानी सेना के जनरल कमांडर कासिम सिलेमानी पर ड्रोन हमला कर उनकी हत्या कर दी गयी थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच विवाद बढ़ गया। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने अमेरिकी दूतावास और सैन्य ठिकानों पर मिसाइल दागी। दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने से विश्व के अन्य देशों पर इसकी प्रभाव पड़ा।

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Shivani Awasthi

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