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हर 40 सेकेण्ड में एक युवा अपने हाथों जीवन लीला कर रहा समाप्त: रिपोर्ट

दुनियाभर में हर साल 8 लाख लोग आत्महत्या करते हैं। यानी हर 40 सेकंड में एक व्यक्ति अपनी जान ले लेता है। आत्महत्या करने वालों में 15 से 29 साल के युवा की संख्या सबसे ज्यादा है।

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 26 July 2019 9:51 AM GMT

हर 40 सेकेण्ड में एक युवा अपने हाथों जीवन लीला कर रहा समाप्त: रिपोर्ट
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लखनऊ: दुनियाभर में हर साल 8 लाख लोग आत्महत्या करते हैं। यानी हर 40 सेकंड में एक व्यक्ति अपनी जान ले लेता है। आत्महत्या करने वालों में 15 से 29 साल के युवा की संख्या सबसे ज्यादा है। ऐसा हम नहीं बल्कि डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट ये बात कह रही है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने दुनियाभर में हो रही आत्महत्याओं की दर और वजहों का आंकड़ा जारी किया है। साथ ही आत्महत्या को एक ऐसी वैश्विक घटना बताया जो जीवन भर होती है।

15 से 29 साल के युवा सबसे ज्यादा कर रहे आत्महत्या

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डब्ल्यूएचओ की ओर से आत्महत्या पर जारी ग्लोबल डाटा के मुताबिक आत्महत्या करने वालों में 15 से 29 साल के युवा की तादाद सबसे ज्यादा है।

यानी कह सकते हैं कि यह वो उम्र है जिसमें कोई व्यक्ति पढ़ रहा हो और रोज़गार पाने की तलाश में हो। भारत में आत्महत्या के मामलों में पहला स्थान महाराष्ट्र का है। तमिलनाडु दूसरे और पश्चिम बंगाल तीसरे नंबर पर है।

आंकड़े बताते हैं कि 2016 में आत्महत्या करने वालों में 79 प्रतिशत लोग निम्न और मध्यम आय वाले देशों से थे। विकसित की तुलना में विकासशील देशों के लोगों ने सबसे ज्यादा आत्महत्या की थी।

15 से 29 साल की उम्र हर व्यक्ति के लिए वह अवस्था है जिसमें उनपर सबसे ज्यादा प्रेशर रहता है। प्रेशर पढ़ाई का हो, रिलेशनशिप का हो, रोज़गार का या सभी ज़िम्मेदारियों में खुद को साबित करने का।

2016 में आत्महत्या करने वालों में 25 फीसदी छात्र थे। ये वो छात्र थे जो परीक्षा में असफल हुए और खुद की जान ले ली। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो की 2015 की रिपोर्ट के मुताबिक देश में एक छात्र हर घंटे आत्महत्या करता है।

20 प्रतिशत लोग जहर से मरते हैं। बाकी लोग फंदे से लटककर, आग लगाकर मरते हैं। वैश्विक स्तर पर मौत का 15वां कारण आत्महत्या ही बताया गया है।

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यहां जानें आत्महत्या के मामले के कौन देश है किस नम्बर पर

पूर्वी यूरोपीय देशों में आत्महत्या की दरें सबसे अधिक हैं। जिनमें लातविया, बेलारूस, पोलैंड श्रीलंका, दक्षिण कोरिया और लिथुआनिया शामिल हैं।

ग्रेनेडा और बारबाडोस में आत्महत्या की दर 0.5 और 0.4 है। अफगानिस्तान में आत्महत्या की दर 5.5, इराक में तीन और सीरिया में 2.7 है। कैरेबियन द्वीप समूह के देशों में आत्महत्या दर बेहद कम है।

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