Ghaziabad Crime News: जोर पकड़ता जा रहा गाजियाबाद बुजुर्ग मामला, अब बुरा फंसी स्वरा भास्कर- ट्विटर इंडिया हेड

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Newstrack :  Network
Published By :  Vidushi Mishra
Update: 2021-06-17 06:23 GMT

स्वरा भास्कर (फोटो- सोशल मीडिया)

Ghaziabad Crime News: यूपी के गाजियाबाद के लोनी में बुजुर्ग अब्दुल सैफी के साथ हुई मारपीट से संबंधित वायरल वीडियो को लेकर विवाद लगातार जारी है। ऐसे में अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुजुर्ग के इस विवाद को लेकर बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर, ट्विटर इंडिया के मनीष माहेश्वरी समेत अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।

इस बारे में ये शिकायत दिल्ली के तिलग मार्ग थाने में कराई गई है। जिसमें आरोप है कि गाजियाबाद में हुई बुजुर्ग के साथ पिटाई के मामले में इन सभी ने भड़काऊ ट्वीट किया। इस सिलसिले में वकील अमित आचार्य ने शिकायत दर्ज कराई है। हालाकिं इस मामले में अभी एफआईआर(FIR) दर्ज नहीं की गई है, लेकिन पुलिस जांच कर रही है।

आपको बता दें कि लोनी इलाके का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दाढ़ी वाले बुजुर्ग की कुछ युवकों द्वारा पिटाई की जा रही थी। वायरल हुए इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था।

:उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में लोनी में अब्दुल सैफी को लेकर अब सियासी घमासान मच गया है। ऐसे में इस बीच सैफी का एक और बयान सामने आया है। इस बयान में सैफी नारेबाजी, जान से मारने की धमकी, मारपीट और पेशाब पीने तक की बात कह रहे हैं। जबकि सैफी ने ताबीज वाली बात को भी झूठ बताया है।

समद सैफी ने ये बयान बुधवार रात को अपने घर बुलंदशहर के अनूपशहर में पत्रकारों से कही। हालाकिं वीडियो में उनके साथ मौजूद लोग पुलिस के एक्शन पर कई सवाल उठा रहे हैं। वहीं अब्दुल समद सैफी ने कहा कि मेरी कनपटी पर पिस्तौल लगाई गई, चार लोग थे, डंडे और बेल्ट से मुझे बहुत मारा, मैं उनको नहीं जानता था।

मुझपर झूठा इल्जाम

इसके साथ ही अब्दुल समद सैफी ने आगे कहा कि मुझपर झूठा इल्जाम लगाया जा रहा है। मैं नहीं जानता मारने वाला कोई मुसलमान था। ताबीज की बात झूठी है, मैं ताबीज का कोई काम नहीं करता। मुझपर झूठा इल्जाम लगाया जा रहा है। ऐसा इल्जाम कोई भी लगा सकता है, मैं तो मदरसे पर रहता हूं।

वहीं अब्दुल समद सैफी ने ये भी दावा किया कि मुझसे 'जय श्रीराम' के नारे लगवाए, पानी मांगा तो मुझसे पेशाब पीने को कहा। सैफी के साथ खड़े शख्स ने कहा कि इनको मारने के लिए दो बार तमंचा चलाया गया, लेकिन फायर मिस हो गया। आखिर पुलिस ने 307 में एफआईआर क्यों नहीं की?


बता दें, इससे पहले बुजुर्ग अब्दुल समद सैफी ने कहा था कि उन्हें पुलिस ने सहयोग किया था। लेकिन अब उनका ये बयान बिल्कुल अलग है। ये है मामला गाजियाबाद जिले के लोनी बॉर्डर थाने में Twitter inc. और टि्वटर कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड समेत 9 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

आरोप है कि लोनी बॉर्डर इलाके में वायरल हुए एक वीडियो (Twitter Viral Video) के माध्यम से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई। जिस पर ट्विटर ने कोई एक्शन नहीं लिया। वीडियो में दिखाई दे रहा था कि एक बुजुर्ग की पिटाई की जा रही है और बाद में बुजुर्ग की दाढ़ी भी काट (Bujurg Ki Dadhi Kati) दी जाती है। इस वीडियो को गलत तरीके से पेश किया गया।आरोपियों में कुछ स्थानीय कथित नेताओं का भी नाम है।

पुलिस की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई गई है। वादी का नाम उप निरीक्षक नरेश सिंह है। FIR में जो जानकारी है, उसे हम आपको संक्षेप में बता देते हैं। एफ आई आर के मुताबिक 2 दिन पहले जब वीडियो वायरल हुआ,तो उसको लेकर कुछ लोगों ने ट्विटर पर गलत तरह की अफवाह फैलाने की कोशिश की।

वीडियो को इस तरह से दर्शाया जाने लगा जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होने लगी। इससे माहौल तनावपूर्ण होने लगा। इस बीच पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी की। प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि जो बातें वीडियो के बारे में कहीं जा रही हैं, वह ठीक नहीं है। बल्कि वीडियो में जिस बुजुर्ग को दिखाया गया है, वह बुलंदशहर के रहने वाले हैं। और उनसे मारपीट की वजह भी बताई गई। पुलिस ने यह साफ किया कि पीड़ित बुजुर्ग व्यक्ति ताबीज बनाने का काम करते हैं।

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