Bhojpuri Picture नदिया के पार के इस एक्टर की जान ली आतंकवादियों ने
Nadiya Ke Paar Actor Inder Thakur Death Reason: भोजपुरी फिल्म नदिया के पार के एक्टर इंदर कुमार की जान आंतकवादी हमले में चली गई, जानिए क्या हुआ था उनके साथ
Bhojpuri Picture Nadiya Ke Paar Actor Inder Thakur Death Reason (Image Credit- Social Media)
Bhojpuri Picture: भोजपुरी सिनेमा की नींव नासिर हुसैन ने 1963 में रखी थी। उन्होंने 'गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो' (1963) के अलावा 'बलम परदेसिया' (1979) जैसी यादगार फिल्मों में अभिनय और निर्माण व निर्देशन भी किया। इसी वजह से उन्हें भोजपुरी फिल्मों का जनक भी कहा जाता है। वैस उन्होंने लगभग 500 फिल्मों में काम किया और कई सारी सुपरहिट फिल्में दीं। खैर हम आज बात कर रहे हैं भोजपुरी सिनेमा की एक खास फिल्म की जो आज भी लोगों के दिलों पर राज कर रही है और अपनी एक अलग ही पहचान बनाए हुए हैं। वो फिल्म है भोजपुरी फिल्म Nadiya Ke Paar, जिसको ना केवल भोजपुरी सिनेमा के दर्शक ही पसंद करते हैं बल्कि हिंदी सिनेमा के एक बहुत बड़े दर्शक वर्ग ने इस फिल्म को बहुत अधिक पसंद किया। हालात ये है कि इस फिल्म का जब तक पूरे न हों फेरे साथ.. गीत इतना लोकप्रिय हुआ था कि आज भी तमाम शादियों में फेरे के समय उसे बजाने का चलन का पड़ गया है।
जैसा कि सभी को पता है कि नदिया के पार फिल्म की अपार सफलता के बाद बॉलीवुड फिल्म हम आपके हैं कौन, बनी थी। जिसमें सलमान खान और माधुरी दीक्षित लीड रोल में थे। यह फिल्म भी लोकप्रिय रही थी लेकिन नदिया के पार में बात कुछ और थी। उसमें में चंदन और गुंजन तो थे ही मेन किरदार लेकिन चंदन के बड़े भाई ओमकार का रोल भी लाजवाब था। तो आज हम Nadiya Ke Paar के उस एक्टर के बारे में बात करने जा रहे हैं। जिन्हें आतंकवाद के क्रूर पंजों ने हमसे छीन लिया था।
भोजपुरी मूवी नदिया के पार के एक्टर इंदर ठाकुर का देहांत कैसे हुआ ( Bhojpuri Movie Nadiya Ke Paar Actor Inder Thakur Death Reason)
Nadiya Ke Paar फिल्म 1982 में रिलीज हुई थी और वो उस साल की सबसे सुपरहिट फिल्मों में से एक बन गई। इस फिल्म में सचिन पिलगांवकर ने चंदन का किरदार निभाया है। तो वहीं साधना सिंह ने गुंजन का किरदार निभाया। इंदर ठाकुर ने उनके बड़े भाई ओमकार का किरदार निभाया था। फिल्म में इन तीनों की केमिस्ट्री को दर्शकों ने काफी पसंद किया था।
पिता हीरालाल ठाकुर की तरह इंदर ठाकुर ने एक्टर बनने का सपना देखा और फिल्मों में आ गए थे। इंदर ठाकुर ने शुरूआत मॉडलिंग से की थी और फैशन डिजाइनर भी रहे। इंदर ठाकुर ने फैशन डिजाइनिंग में भी भारत का खूब नाम रोशन किया। लेकिन सफलता की सीढ़ियां चढ़ रहे इंदर ठाकुर के साथ अचानक हुए हादसे ने सबको हिला कर दिया। 23 जून 1985 को इंदर ठाकुर के साथ उनका पूरा परिवार एक साथ दुनिया से एक झटके में चला गया। वह जिस प्लेन में सफर कर रहे थे। उसे आतंकवाद की क्रूर नजर लग गई और आतंकवादियों ने विमान को विस्फोट से उड़ा दिया। इस फ्लाइट में उनके साथ उनकी पत्नी समेत व बच्चे भी थे। इस ट्रैजडी से सब स्तब्ध हो गए। इंदर ठाकुर ने केवल 3-4 फिल्मों में ही काम किया। 1985 में इंदर कुमार ने इंटरनेशनल फैशन डिजाइनर का अवॉर्ड भी जीता। लेकिन उनके काम की चमक आज भी लोगों के दिलों को एक ऐसा अहसास देती है जिसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं है।