Rekha Bhardwaj Kaun Hai: आसान नहीं था कचौड़ी गली गायिका रेखा भारद्वाज का संगीत सफर, जिसने की मदद उसी को बनाया हमसफर
Rekha Bhardwaj Kaun Hai: इन दिनों सोशल मीडिया पर 62 वर्षीय गायिका रेखा भारद्वाज का नाम ट्रेंडिंग में बना हुआ है, आइए उनकी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बारे में विस्तार से जानते हैं।
Rekha Bhardwaj Kaun Hai
Rekha Bhardwaj Kaun Hai: मशहूर गायिका रेखा भारद्वाज अपनी रूहानी आवाज के लिए जानी जाती हैं, इन दिनों उनका नाम चर्चाओं में आ गया है, क्योंकि कोक स्टूडियो भारत द्वारा एक गाना रिलीज किया गया है, जिसका नाम "कचौड़ी गली" है, रेखा भारद्वाज ने इस गाने में अपनी आवाज दी है, जिस वजह से उनके नाम की लोगों के बीच जमकर चर्चा हो रही है, हालांकि बता दें कि "कचौड़ी गली" गाना सालों पुराना है, लेकिन कोक स्टूडियो भारत द्वारा इस नए अंदाज में पेश किया गया है, जिसकी वजह से इसे खूब प्यार मिल रहा है और पूरे इंटरनेट पर ही ये गाना छाया हुआ है, इसी बीच चलिए आपको इस गाने की गायिका रेखा भारद्वाज से जुड़ी कुछ अहम जानकारी देते हैं।
रेखा भारद्वाज का जन्म
62 वर्षीय रेखा भारद्वाज वैसे तो आज के समय में किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं, क्योंकि अपने बेहतरीन गानों और सुरीली आवाज से उन्होंने पहले ही लोगों की दीवाना बना लिया है। बता दें कि, रेखा भारद्वाज का जन्म 24 जनवरी 1964 को दिल्ली में हुआ था, उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली में पूरी की और नई दिल्ली के हिंदू कॉलेज से स्नातक किया।
छोटी उम्र में शुरू किया गायन
रेखा भारद्वाज ने महज 3 वर्ष की आयु से ही गायन शुरू कर दिया है, दरअसल बताया जाता है कि रेखा भारद्वाज के पिता को भी गायन का बहुत शौक था, लेकिन उनके पिता को अपने माता पिता से संगीत सीखने की इजाजत नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने ठान लिया कि वे अपने बच्चों को संगीत जरूर सिखाएंगे, बस इसी के चलते रेखा भारद्वाज के पिता ने छोटी उम्र में ही उन्हें संगीत सिखाना शुरू कर दिया था। रेखा जब 3 वर्ष की थी, तो उनके घर में सुबह से ही रेडियो बजना शुरू हो जाता था, हालांकि वे संगीत समझ नहीं पाती थीं, लेकिन फिर भी उन्हें सुनना अच्छा लगता था। ऐसे में रेखा भारद्वाज को बचपन से ही संगीत में रुचि हो गई और जब वे 12 वर्ष की हुईं तो उन्होंने शास्त्रीय संगीत की शिक्षा लेनी शुरू कर दी।
लगभग आठ साल के रियाज के बाद उन्हें एहसास हुआ कि गायन, खासकर गजल, ही उनका सच्चा जुनून है, धीरे-धीरे उन्होंने इवेंट्स और कॉलेजों में भी गाना शुरू किया, वे जहां भी जाती थी, लोग उनकी आवाज के दीवाने बन जाते थे।
रेखा भारद्वाज को पहला ब्रेक कब मिला
रेखा भारद्वाज को पहला ब्रेक मिलने की कहानी बेहद दिलचस्प है, दरअसल एक कॉलेज में फंक्शन के दौरान उनकी मुलाकात फिल्ममेकर विशाल भारद्वाज से हुई, इसी मुलाकात से उन्होंने सफलता की सीढ़ियां चढ़ना शुरू कर दी। रेखा भारद्वाज को कभी नहीं लगा था कि वे फिल्मों में गाना गाएंगी, दरअसल रेखा भारद्वाज की आवाज अलग होने की वजह से उन्हें कई बार रिजेक्शन झेलना पड़ा, कोई उनके साथ काम करने को तैयार नहीं होता, लेकिन फिर विशाल भारद्वाज ने उनका एल्बम सॉन्ग 'इश्का इश्का' रिलीज किया, जिसे गुलज़ार साब ने लिखा था, उनके इस एल्बम को बड़ी सफलता मिली और इसी के चलते उनके लिए ऑफर्स के द्वार भी खुल गए। उन्हें सबसे बड़ी सफलता 2006 में मिली, जब उन्होंने ओमकारा फिल्म के गाने "नमक इश्क का" में अपनी आवाज दी, गाना जबरदस्त हिट हुआ और फिर उन्होंने कई फिल्मों के गाने गाए। बता दें कि रेखा भारद्वाज ने हिंदी के अलावा बंगाली, मराठी, पंजाबी, भोजपुरी और मलयालम जैसी कई भाषाओं में भी गाने गाए हैं।
रेखा भारद्वाज के पति कौन
रेखा भारद्वाज के पति बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म निर्देशक, लेखक और संगीतकार विशाल भारद्वाज हैं, जैसा कि हमने आपको बताया कि दोनों की पहली मुलाकात एक कॉलेज के फंक्शन के दौरान हुई थी, जिसके बाद 1991 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए थे। रेखा भारद्वाज आज जिस मुकाम पर हैं, वहां पहुंचने के लिए विशाल भारद्वाज ने उनका खूब साथ दिया है।
रेखा भारद्वाज-विशाल भारद्वाज की फैमिली
रेखा भारद्वाज और निर्देशक विशाल भारद्वाज का एक बेटा है, जिनका नाम आसमान भारद्वाज है। आसमान भारद्वाज भी अपने माता-पिता के नक्शेकदम पर चल रहें हैं, उन्होंने फिल्म मेकिंग की पढ़ाई कीऔर 'मटरू की बिजली का मंडोला' तथा 'पटाखा' जैसी फिल्मों में अपने पिता के साथ एक सहायक निर्देशक के रूप में काम किया है। वहीं 2023 में उन्होंने 'कुत्ते' फिल्म के साथ निर्देशन की दुनिया में भी कदम रखा है, जिसमें अर्जुन कपूर, तब्बू, नसीरुद्दीन शाह और राधिका मदन जैसे कलाकार थे।