Thalapathy Vijay की एक ऐसी फिल्म जिसे जयललिता की पार्टी ने किया था बैन, हुई थी विजय की बेइज्जती
Thalapathy Vijay Thalaivaa Movie Controversy: थलापति विजय की फिल्म थलाइवा एक बार फिर से चर्चा में आ गई है, जब उस समय जयललिता की पार्टी ने किया था इस फिल्म का विरोध
Thalapathy Vijay Jayalalithaa Thalaivaa Movie Controversy (Image Credit- Social Media)
Thalapathy Vijay Thalaivaa Movie Controversy: थलापति विजय की जोकि साउथ के सुपरस्टार के रूप में जाने जाते थे। लेकिन अब वो तमिलनाडु के सीएम के रूप में जाने जाएंगे। तो वहीं थलापति विजय की पार्टी टीवीके ने भारी बहुमत के साथ सत्ता में जीत हासिल की है। और उनके विपक्ष की पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। लेकिन एक समय था जब थलापति विजय को अपनी फिल्म के लिए उस समय तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी के सामने बेइज्जत होना पड़ा था। यही नहीं उनकी फिल्म पर रोक तक लगा दी गई थी। उस फिल्म का नाम थलाइवर था। चलिए जानते हैं क्या हुआ था ऐसा जिसकी वजह से जयललिता की पार्टी ने थलाइवर के रिलीज पर रोक लगा दिया था। और अन्य जगहों पर फिल्म टाइम पर रिलीज हुई थी। लेकिन तमिलनाडु में फिल्म बाद में रिलीज हुई थी।
थलापति विजय की फिल्म थलाइवा को क्यों बैन किया था जयललिता की पार्टी ने ( Thalapathy Vijay Movie Thalaivaa Jayalalithaa Party Controversy)-
थलापति विजय आज से नहीं 2011 से ही तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ आंदोलनों में शामिल हो रहे हैं। तो वहीं थलापति विजय ने तमिलनाडु की उस समय की सत्ताधारी पार्टी जिसकी अध्यक्ष जयललिता थी। और उस समय राज्य में उनकी ही सरकार थी। उसी दौरान 2013 में थलापति विजय की फिल्म Thalaivaa रिलीज होने वाली थी। लेकिन जयललिता की पार्टी ने उसकी रिलीज पर बैन लगा दी। 'थलाइवा' वो फिल्म थी जिसने सबसे पहले विजय के राजनीतिक करियर की चर्चाएं शुरू कीं और फिल्म की टैगलाइन "टाइम टू लीड" ने इसे विवादों में घसीट लिया। गंभीर विवादों का सामना करना पड़ा था। जिसे तमिलनाडु मुख्यमंत्री जे. जयललिता के लिए एक राजनैतिक चुनौती के रूप में देखा गया था। फिल्म की रिलीज तमिलनाडु और पुडुचेरी में रोक दी गई ती। सिनेमाघरों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलीं, जिसके कारण रिलीज में देरी हुई और विजय को एक भावुक अपील करनी पड़ी थी। 'थलाइवा' 9 अगस्त को तमिलनाडु के बाहर रिलीज हुई और विजय अभिनीत इस फिल्म को देखने के लिए पड़ोसी राज्यों की यात्रा पर निकल पड़े।
फिल्म को लेकर विवाद इतना बढ़ गया था कि फिल्म की रिलीज प्रतिबंध करने की वजह से उनके एक प्रशंसक ने सुसाइड कर लिया। थलाइवा' तमिलनाडु में एक सप्ताह बाद रिलीज हुई और देरी से रिलीज और इसके पायरेटेड संस्करणों की अवैध रिलीज के बावजूद फिल्म को जबरदस्त ओपनिंग मिली। 'थलाइवा' में विजय और अमाला पॉल मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि सत्यराज , पोनवन्नन, संथानम , अभिमन्यु सिंह, सुरेश और नासर सहित अन्य कलाकार सहायक भूमिकाओं में हैं। जीवी प्रकाश कुमार ने संगीत दिया है और यह फिल्म विजय के साथ संगीतकार का पहला जुड़ाव था। इंडिया टुडे और सिनेमा एक्सप्रेस की रिपोर्टों में विस्तार से बताया गया है कि यह घटना अभिनेता विजय के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव को लेकर राज्य सरकार के भीतर की चिंताओं से जुड़ी हुई थी।
तो वहीं कई रिपोर्ट में तो ये तक कहा गया कि थलापति विजय ने जयललिता से मिलने की इच्छा जाहिर की थी। लेकिन घंटो इंतजार करने के बाद भी उनसे जयललिता नहीं मिली थी। वहाँ मौजूद लोगों ने बताया कि परमिशन ना होने की वजह से आप उनसे नहीं मिल सकते हैं। और आज वहीं थलापति विजय उसी कुर्सी पर बैठ गए हैं। जहाँ से कभी उनको बेइज्जत करके बाहर का रास्ता दिखाया गया था।