तैयार रहो, आ रहे हैं अमित शाह...गृह मंत्री का विपक्ष को अल्टीमेटम, बोले- सारे सवालों के दूंगा जवाब!
Amit Shah Warns Opposition: NEET पेपर लीक विवाद पर संसद में बढ़ते हंगामे के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा कदम उठाया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर उन्होंने बहस के दौरान सदन में मौजूद रहने और विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देने की बात कही है।
Amit Shah Warns Opposition: देश में हाल ही में हुए नीट (NEET) परीक्षा के पेपर लीक मामले ने पूरे देश के युवाओं में भयंकर आक्रोश पैदा कर दिया था। इस गंभीर मुद्दे को लेकर हजारों की संख्या में अभ्यर्थी और छात्र संगठन दिल्ली की सड़कों पर उतर आए। जंतर-मंतर पर अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन के बाद जब गुस्साए छात्रों ने संसद भवन की ओर रुख करने का प्रयास किया, तो पुलिस को उन्हें रोकने के लिए कड़े कदम उठाने पड़े। इस घटना के बाद से ही विपक्षी पार्टियां केंद्र सरकार और खासकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमलावर थीं। विपक्ष लगातार मांग कर रहा था कि गृह मंत्री स्वयं संसद के पटल पर उपस्थित होकर इस पूरे मामले पर देश के सामने जवाब दें।
अमित शाह का बड़ा कदम, लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र
इसी राजनीतिक घमासान के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने एक बड़ा दांव खेलते हुए विपक्ष को खुली चुनौती दे डाली है। बुधवार के दिन उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक विशेष पत्र लिखा। अपने इस आधिकारिक पत्र में गृह मंत्री ने आग्रह किया कि वे विपक्षी दलों के साथ बैठकर इस मुद्दे पर विस्तार से बात करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस संवेदनशील बहस से पीछे हटने वाली नहीं है। सरकार सदन के भीतर हर एक शंका का समाधान करने और विपक्ष के प्रत्येक तीखे सवाल का सामना करने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है।
'संवाद से ही निकलेगा हल, मैं सदन में मौजूद रहूंगा'
लोकसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में अमित शाह ने देश की लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लेख करते हुए लिखा कि किसी भी राष्ट्रीय समस्या का स्थायी समाधान केवल सार्थक संवाद से ही संभव है। उन्होंने कहा कि उनका भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली और संवैधानिक संस्थाओं में गहरा विश्वास है। गृह मंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष से विशेष अपील करते हुए कहा कि विपक्षी दलों से परामर्श कर इस गंभीर मुद्दे पर बहस के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। शाह ने वादा किया कि वे बहस के दौरान पूरे समय सदन में उपस्थित रहेंगे और चर्चा के समापन पर सभी सवालों के विस्तृत उत्तर देंगे।
राज्यसभा में विपक्ष का जोरदार हंगामा और वॉकआउट
दूसरी ओर, इस मुद्दे पर संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा में जबर्दस्त राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। गृह मंत्री की गैरमौजूदगी और अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन के सदस्यों ने जोरदार नारेबाजी की। इस भारी हंगामे के चलते प्रातः 11 बजे शुरू हुई राज्यसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी जब राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक लाया गया, तब भी विपक्षी सांसद अपनी मांगों पर अड़े रहे।
विधेयक पर बहस के बीच विपक्षी नेताओं का विरोध
दोपहर में सदन की कार्यवाही शुरू होने पर उपसभापति हरिवंश ने सदस्यों से केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्रालय से जुड़े संशोधन विधेयक पर चर्चा का अनुरोध किया। यह विधेयक गृह मंत्री की अनुपस्थिति में राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल द्वारा प्रस्तुत किया गया था। इस दौरान जब नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपना पक्ष रखना चाहा, तो उपसभापति ने उनसे केवल विधेयक तक सीमित रहने का आग्रह किया। इससे असंतुष्ट होकर विपक्षी सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। अब हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि लोकसभा अध्यक्ष कब इस बहुप्रतीक्षित बहस की तारीख तय करते हैं।