Bada Mangal Bhandara 2026 Lucknow: केसरीनंदन की भक्ति में डूबी लक्ष्मण नगरी, 1000 भंडारे, 8 बड़े मंगल और हर गली में सेवा-श्रद्धा का महासंगम
Bada Mangal Bhandara Lucknow 2026: बड़ा मंगल 2026 पर लखनऊ में 1000 से ज्यादा भंडारे, मंदिरों में भीड़ और हनुमान भक्ति का अद्भुत नजारा।
Bada Mangal Bhandara Lucknow 2026
Bada Mangal Bhandara Lucknow 2026: भोर की पहली किरण फूटने से पहले ही मंदिरों के चौखट असंख्य भक्तों की आस्था के दीप से रौशन होते नजर आ रहे थे। ज्येष्ठ मास का प्रथम बड़ा मंगल आते ही मानो पूरा वातावरण मानों हनुमान भक्ति के सागर में डूब गया। सुबह की धुंधलक में'जय श्री राम' और 'बजरंगबली की जय' के जयकारों से पूरी लक्ष्मण नगरी गूंज उठी। मंदिरों में घंटों की ध्वनि, सुंदरकांड की मधुर चौपाइयां और भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं की भीड़ हर दृश्य मानो यह एहसास करा रहा था कि आज सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा और समर्पण का उत्सव है। शहर के हर कोने में लगे भंडारे, प्रसाद वितरण और सेवा का भाव यह साबित कर रहा था कि बड़े मंगल केवल पूजा का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत और एकता का सबसे बड़ा प्रतीक है।
पूरे शहर में भक्ति और सेवा का अनोखा संगम
ज्येष्ठ महीने के पहले बड़े मंगल पर लखनऊ पूरी तरह धार्मिक रंग में रंगा नजर आया। तड़के से ही मंदिरों के बाहर लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालु हाथ जोड़कर बजरंगबली के दर्शन के लिए इंतजार करते दिखे। जगह-जगह सुंदरकांड पाठ और हनुमान चालीसा का पाठ हुआ, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बन गया।
शहर के विभिन्न इलाकों में भंडारों का आयोजन हुआ, जहां पूड़ी-सब्जी, कढ़ी-चावल, बूंदी और शरबत का वितरण किया गया। यह नजारा केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सेवा भावना का जीवंत उदाहरण था।
अलीगंज हनुमान मंदिर में परंपरा की झलक
अलीगंज स्थित नए हनुमान मंदिर में वर्षों पुरानी गुड़-धनिया प्रसाद वितरण की परंपरा इस बार भी पूरे उत्साह के साथ निभाई गई। मंदिर के कपाट सोमवार आधी रात को ही खोल दिए गए थे और तभी से श्रद्धालुओं का तांता लग गया। मंदिर समिति के अनुसार, भुने गेहूं और गुड़ से तैयार विशेष प्रसाद का वितरण किया गया, जिसका उद्देश्य नई पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ना है। वहीं पुराने हनुमान मंदिर में भी आधी रात से दर्शन शुरू हो गए थे। यहां लेटकर परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी, ताकि उन्हें बिना बाधा दर्शन मिल सके।
प्रमुख मंदिरों में उमड़ी आस्था की भीड़
लखनऊ के सभी प्रमुख हनुमान मंदिरों में विशेष सजावट और पूजा-अर्चना की गई। हनुमान सेतु मंदिर में सुबह होते-होते श्रद्धालुओं की भीड़ चरम पर पहुंच गई। व्यवस्था बनाए रखने के लिए महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गईं। इसके अलावा पक्का पुल स्थित दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर, लेटे हनुमान मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, चौक और तालकटोरा के बालाजी हनुमान मंदिरों में भी श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा देखने को मिला। हर मंदिर में बजरंगबली का विशेष श्रृंगार किया गया, जो आकर्षण का केंद्र बना रहा।
भंडारों में सेवा भाव की मिसाल
बड़े मंगल की सबसे खास पहचान है भंडारा। इस बार शहर में 1000 से अधिक स्थानों पर भंडारे लगाए गए। लोग अपनी क्षमता के अनुसार सेवा में जुटे नजर आए। आलमबाग के मौनी बाबा मंदिर में सुंदरकांड पाठ के साथ भंडारा हुआ, जबकि त्रिमूर्ति हनुमान मंदिर में पूड़ी-सब्जी और शरबत का वितरण किया गया। तालकटोरा रोड के बालाजी मंदिर में भगवान का सोने-चांदी के वर्क से विशेष श्रृंगार किया गया, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
इन भंडारों में सिर्फ भोजन ही नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का भाव भी परोसा गया।
नगर निगम की बड़ी तैयारी: पानी और सफाई की व्यवस्था
बड़े मंगल के विशाल आयोजन को देखते हुए नगर निगम ने भी विशेष तैयारियां की हैं। इस बार 348 भंडारों के लिए आधिकारिक रजिस्ट्रेशन कराया गया है।
नगर निगम द्वारा इन भंडारों में मुफ्त पानी की आपूर्ति और सफाई की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, ताकि आयोजकों को किसी तरह की परेशानी न हो।
इसके अलावा नगर निगम के 'वन ऐप' के जरिए भी भंडारे का रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है, जिससे व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जा सके।
ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव, कई मार्गों पर डायवर्जन
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने भी कई अहम फैसले लिए हैं। बड़े मंदिरों के आसपास की सड़कों पर रूट डायवर्जन लागू किया गया है, ताकि जाम की स्थिति न बने और लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
विशेष रूप से हनुमान सेतु, अलीगंज, चौक और तालकटोरा जैसे क्षेत्रों में ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
इस साल खास: ज्येष्ठ में मलमास, होंगे 8 बड़े मंगल
इस बार बड़े मंगल का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि ज्येष्ठ महीने में मलमास पड़ रहा है। इस कारण इस वर्ष कुल 8 बड़े मंगल मनाए जाएंगे।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, बड़े मंगल के दिन बजरंगबली की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। यही वजह है कि हर मंगलवार को श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जाएगी।
गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बना लखनऊ
लखनऊ हमेशा से अपनी गंगा-जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता है और बड़े मंगल के मौके पर यह तस्वीर और भी साफ दिखाई देती है।
यहां हर धर्म और वर्ग के लोग भंडारों में सेवा करते नजर आते हैं। कोई पानी पिला रहा है, कोई प्रसाद बांट रहा है, तो कोई व्यवस्था संभाल रहा है। यह एक ऐसा अवसर होता है, जहां इंसानियत सबसे बड़ा धर्म बन जाती है।
बड़े मंगल केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज को जोड़ने का भी माध्यम है। इस दिन लोग अपने मतभेद भूलकर एक साथ सेवा और भक्ति में जुट जाते हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और आज भी उतनी ही मजबूती से निभाई जा रही है। खास बात यह है कि नई पीढ़ी भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है, जिससे यह परंपरा आगे भी जीवित रहेगी।