इत्तेफाक या खूनी साजिश? सुवेंदु के PA से लेकर बॉडीगार्ड तक... 11 साल में 3 करीबियों की संदिग्ध मौत

Suvendu Adhikari News: पश्चिम बंगाल में 6 मई की रात सुवेंदु अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इससे पहले भी सुवेंदु अधिकारी के कई करीबी, जिनमें उनका बॉडीगार्ड भी शामिल था, अपनी जान गंवा चुके हैं।

By :  Shivam
Update:2026-05-07 18:04 IST

Suvendu Adhikari News: पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा के कद्दावर चेहरे सुवेंदु अधिकारी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा का केंद्र उनकी कोई सियासी चाल नहीं, बल्कि उनके एक और करीबी सहयोगी की सनसनीखेज हत्या है। उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में बुधवार रात हुई यह वारदात राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान लगा रही है। ताज्जुब की बात यह है कि पिछले 11 वर्षों के भीतर सुवेंदु अधिकारी के साथ साये की तरह रहने वाले तीन महत्वपूर्ण लोगों की जान जा चुकी है, जिसमें उनके निजी सहायकों से लेकर अंगरक्षक तक शामिल हैं।

ताजा घटनाक्रम में सुवेंदु अधिकारी के करीबी निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ को निशाना बनाया गया है। साल 2021 से सुवेंदु के चुनावी प्रबंधन और अहम रणनीतियों का हिस्सा रहे चंद्रनाथ बुधवार रात जब अपनी कार से जा रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। सुवेंदु अधिकारी ने इस घटना को एक गहरी साजिश और 'नियोजित हत्या' करार देते हुए प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है। इस हत्याकांड ने एक बार फिर उन पुरानी कड़ियों को जोड़ दिया है जो सुवेंदु के करीबियों की असुरक्षा की ओर इशारा करती हैं।

2013 में प्रदीप झा की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत

करीबियों की मौत का यह सिलसिला साल 2013 में शुरू हुआ था, जब सुवेंदु अधिकारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद हुआ करते थे। उस समय उनके तत्कालीन पीए प्रदीप झा का शव कोलकाता के स्ट्रैंड रोड पर बेहद संदिग्ध हालत में फुटपाथ पर मिला था। हालांकि शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे स्वास्थ्य संबंधी कारणों और अत्यधिक शराब के सेवन से जोड़कर देखा था, लेकिन एक हाई-प्रोफाइल सांसद के सहायक का इस तरह सार्वजनिक स्थान पर मृत पाया जाना आज भी कई अनसुलझे सवाल छोड़ जाता है।

बॉडीगार्ड शुभब्रत चक्रवर्ती की विवादास्पद आत्महत्या

अधिकारियों के सुरक्षा चक्र में सेंध का दूसरा बड़ा मामला साल 2018 में सामने आया था। जब सुवेंदु ममता सरकार में परिवहन मंत्री थे, तब उनके निजी अंगरक्षक शुभब्रत चक्रवर्ती ने पूर्व मेदिनीपुर स्थित पुलिस बैरक में खुद को गोली मार ली थी। एक प्रशिक्षित पेशेवर सुरक्षाकर्मी द्वारा अपनी ही सर्विस रिवॉल्वर से आत्महत्या करने की इस घटना ने तब पूरे बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया था। अब 2024 में चंद्रनाथ रथ की हत्या ने उन पुरानी यादों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को फिर से हरा कर दिया है, जिससे सुवेंदु अधिकारी के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।

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