बंगाल में ममता राज का अंत! राज्यपाल ने भंग की विधानसभा, मुख्य सचिव ने जारी किया आदेश

West Bengal Governor dissolved assembly: पश्चिम बंगाल में ममता राज खत्म! राज्यपाल आर.एन. रवि ने विधानसभा भंग करने का आदेश जारी किया। BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद अब नई सरकार के गठन की तैयारी तेज, जानिए पूरे घटनाक्रम का बड़ा अपडेट।

Update:2026-05-07 19:46 IST

West Bengal Governor dissolved assembly: पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार को वह ऐतिहासिक पल आ ही गया, जिसका इंतजार करोड़ों लोग कर रहे थे। राज्य के राज्यपाल आर.एन. रवि ने एक बड़ा संवैधानिक कदम उठाते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग करने का आदेश जारी कर दिया है। 2026 के विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही बंगाल में सियासी पारा सातवें आसमान पर था। भारतीय जनता पार्टी को मिले स्पष्ट बहुमत के बावजूद निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव में 'वोट चोरी' का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया था। इस गतिरोध को खत्म करने के लिए राज्यपाल ने संविधान की शक्तियों का उपयोग करते हुए यह कड़ा फैसला लिया है।

संवैधानिक शक्तियों का प्रहार और गजट नोटिफिकेशन

राज्यपाल आर.एन. रवि ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 174 के खंड (2) के उप-खंड (बी) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए विधानसभा भंग करने का आदेश दिया। बुधवार, 6 मई 2026 को जारी एक विशेष गजट नोटिफिकेशन (नंबर: 275-P.A./1L-03/2026) के माध्यम से इस फैसले की आधिकारिक घोषणा की गई। संसदीय कार्य विभाग द्वारा जारी इस निर्देश के अनुसार, 7 मई 2026 से राज्य की 17वीं विधानसभा औपचारिक रूप से भंग हो जाएगी। राज्य के मुख्य सचिव दुष्यंत नरियाला (IAS) ने जनहित में इस आदेश को प्रकाशित किया, जिससे अब 18वीं विधानसभा के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।


ममता की जिद और बीजेपी की ऐतिहासिक जीत

बंगाल के चुनावी नतीजों ने इस बार सबको चौंका दिया है। कुल 293 सीटों में से भाजपा ने 207 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल की है, जिससे बंगाल में पहली बार 'कमल' खिलने जा रहा है। 15 सालों तक सत्ता पर काबिज रहीं ममता बनर्जी को इस बार करारी हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, हार स्वीकार करने के बजाय उन्होंने करीब 100 सीटों पर धांधली का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री पद छोड़ने से मना कर दिया। ममता बनर्जी की इस जिद के बाद राज्यपाल ने विधानसभा भंग करने का निर्णय लिया, जिससे मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल अब कानूनी तौर पर समाप्त हो गया है।

ब्रिगेड मैदान में होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह

एक तरफ जहां पुरानी सरकार की विदाई हुई है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा ने नई सरकार के गठन की तैयारी युद्ध स्तर पर शुरू कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार रात कोलकाता पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को नवनिर्वाचित विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक होगी, जिसमें विधायक दल के नेता यानी नए मुख्यमंत्री का चयन किया जाएगा। इसके बाद 9 मई को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड मैदान में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन होगा। खास बात यह है कि इसी दिन रवींद्र जयंती भी है, जिससे इस समारोह का महत्व और बढ़ गया है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और 'डबल इंजन' की शुरुआत

9 मई को होने वाले इस विशाल समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री शामिल होंगे। 'डबल इंजन' सरकार के इस आगाज का गवाह बनने के लिए लाखों की भीड़ जुटने की उम्मीद है। सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपीजी (SPG), कोलकाता पुलिस और केंद्रीय बलों (Central Force) को सौंपी गई है। ब्रिगेड मैदान के अंदर और बाहर सुरक्षा का ऐसा घेरा तैयार किया गया है जिसे भेदना नामुमकिन होगा। बंगाल की जनता अब एक नई सुबह और नई सरकार के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।

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