AIADMK तोड़कर CM बनेंगे विजय? 28 विधायक रिसॉर्ट पहुंचे, डिप्टी CM पद का मिला ऑफर
टीवीके तमिलनाडु में सरकार बनाने की रणनीति के तहत AIADMK के कुछ विधायकों को अपने पक्ष में करने के लिए बातचीत कर रही है।
तमिलनाडु की राजनीति इस वक्त एक बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ी है। तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के अध्यक्ष विजय राज्य में सरकार बनाने की कोशिशों में पूरी ताकत से जुट गए हैं। गुरुवार को विजय ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार राजभवन पहुंचकर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की। फिलहाल टीवीके के पास 108 विधायकों का बल है और उन्हें कांग्रेस के 5 विधायकों का भी समर्थन हासिल है। इस तरह विजय ने 113 विधायकों के समर्थन की सूची राज्यपाल को सौंपी, हालांकि बहुमत के लिए जरूरी 118 के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए राज्यपाल ने उन्हें पांच और विधायकों के हस्ताक्षर लाने का निर्देश दिया है।
बहुमत के आंकड़े को छूने के लिए अब राज्य में सियासी जोड़-तोड़ का खेल तेज हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, टीवीके अब मुख्य विपक्षी दल ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (AIADMK) के कुछ विधायकों को अपने पाले में लाने की तैयारी कर रही है। खबर है कि एआईएडीएमके के करीब 28 विधायकों को पुडुचेरी के पूरनकुप्पम स्थित एक निजी रिसॉर्ट में शिफ्ट कर दिया गया है। ये सभी विधायक एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता सीवी शनमुगम के करीबी माने जा रहे हैं। इन विधायकों की घेराबंदी ने राज्य में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट को और तेज कर दिया है।
गठबंधन की शर्तों पर गोपनीय बातचीत और बड़े पदों का ऑफर
सियासी गलियारों में चर्चा है कि टीवीके और सीवी शनमुगम के बीच गठबंधन को लेकर गोपनीय बातचीत चल रही है। बताया जा रहा है कि विजय की पार्टी ने शनमुगम को नई सरकार में उपमुख्यमंत्री पद का प्रस्ताव दिया है, जबकि उनके समर्थक विधायकों को कैबिनेट में अहम मंत्रालयों का आश्वासन मिल रहा है। इस पूरी रणनीति को अमली जामा पहनाने की जिम्मेदारी टीवीके की ओर से केए सेंगोट्टैयन संभाल रहे हैं। माना जा रहा है कि सीवी शनमुगम और ओएस मणियन जैसे दिग्गज नेता सत्ता में भागीदारी के बदले टीवीके के साथ जाने के पक्ष में हैं।
पलानीस्वामी का विरोध और पार्टी के भीतर मतभेद
हालांकि, टीवीके की यह राह इतनी आसान नहीं दिख रही क्योंकि एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी इस संभावित गठबंधन के सख्त खिलाफ हैं। पलानीस्वामी के रुख और शनमुगम गुट की सक्रियता ने एआईएडीएमके के भीतर स्पष्ट मतभेद पैदा कर दिए हैं। पार्टी अब दो धड़ों में बंटती नजर आ रही है, जहां एक गुट भविष्य की राजनीति के लिए टीवीके के साथ सत्ता साझा करना चाहता है, वहीं दूसरा गुट अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखने पर अड़ा है।
बहुमत की गणित और राज्यपाल का रुख
तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में 23 अप्रैल को हुए चुनावों के बाद टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। कांग्रेस के समर्थन के बावजूद पार्टी बहुमत से 5 सीट दूर है। बुधवार को विजय ने कांग्रेस का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा था, जिस पर अब राज्यपाल संवैधानिक नियमों के तहत विचार कर रहे हैं। इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने भी स्पष्ट किया है कि राज्यपाल इस पूरे प्रकरण में नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार ही उचित फैसला लेंगे। राज्य की जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें अब राजभवन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।