लालू के साए से बाहर निकलकर सत्ता के शिखर तक...नीतीश-भाजपा सरकार में राम कृपाल यादव की एंट्री, बने सम्राट कैबिनेट में मंत्री

Bihar Cabinet Expansion 2026: बिहार मंत्रिमंडल में बदलाव, दानापुर से बीजेपी विधायक रामकृपाल यादव को मंत्री पद, लालू के गढ़ में सेंध और राजनीतिक सफर की नई सफलता।

Update:2026-05-07 16:33 IST

Bihar Cabinet Expansion 2026

Bihar Cabinet Expansion 2026: बिहार की सियासत में गुरुवार का दिन काफी खास रहा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया, जिसमें जेडीयू, बीजेपी और एनडीए के अन्य सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। पटना के गांधी मैदान में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व सांसद और दानापुर विधानसभा से बीजेपी विधायक रामकृपाल यादव का नाम भी शामिल था। रामकृपाल यादव पहले भी नीतीश सरकार में मंत्री रह चुके हैं और अब एक बार फिर उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।

दानापुर में जीत और लालू के गढ़ में सेंध

2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में रामकृपाल यादव ने दानापुर सीट पर राजद के कद्दावर नेता रीतलाल यादव को लगभग 30 हजार मतों के अंतर से हराया। यह जीत उनके लिए केवल चुनावी सफलता नहीं थी, बल्कि यह लालू यादव के गढ़ में सेंध लगाने का प्रतीक भी बनी। इस सफलता और राजनीतिक प्रभाव को देखते हुए सम्राट सरकार ने उन्हें मंत्री पद देकर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि 2025 के चुनाव के बाद बनी नीतीश सरकार में भी रामकृपाल यादव को मंत्रालय मिला था।

लालू यादव के ‘छोटे भाई’ से अलग हुई राह

रामकृपाल यादव का जन्म 12 अक्टूबर 1957 को हुआ। बिहार की राजनीति में एक समय ऐसा था जब उन्हें लालू प्रसाद यादव का छोटा भाई और राजनीतिक दाहिना हाथ माना जाता था। लेकिन समय और परिस्थितियों ने उनके रिश्तों में दरार ला दी। जब राजद ने उन्हें टिकट देने से इनकार किया, तो रामकृपाल यादव ने बगावत कर दी और अपने राजनीतिक सफर को नया मोड़ दिया। यह कदम उनके राजनीतिक साहस और दूरदर्शिता को दर्शाता है।

लालू परिवार को चुनौती देने वाले नेता

रामकृपाल यादव की पहचान अब लालू परिवार के लिए चुनौती देने वाले नेता के रूप में बनी। उन्होंने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर मीसा भारती को लगातार दो बार हराया। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में पाटलिपुत्र सीट से उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बाद बीजेपी ने उन्हें विधानसभा चुनाव में उतारा। उन्होंने राजद के रीतलाल यादव को हराकर दानापुर से जीत दर्ज की, जिससे उनके राजनीतिक कद में वृद्धि हुई और उन्हें सम्राट चौधरी सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालय मिला।

अनुभव और राजनीतिक ताकत

रामकृपाल यादव का राजनीतिक सफर संघर्ष और सफलता का मिश्रण रहा है। उनके अनुभव और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता ने उन्हें बिहार की राजनीति में एक मजबूत और निर्णायक नेता बनाया है। अब मंत्री बनने के बाद, उनकी जिम्मेदारी बढ़ गई है और उनकी राजनीतिक सक्रियता पूरे राज्य में ध्यान आकर्षित कर रही है।  

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