इंडिया गेट पर अब न चादर बिछेगी, न हंसी गूंजेगी! पाबंदियों से सैर बनी 'सजा'

India Gate New Rules 2025: इंडिया गेट अब ‘नियमों का गेट’ बन गया है। यहां अब पहले जैसी रौनक देखने को नहीं मिल सकेगी।

Update:2025-06-30 12:46 IST

India Gate New Rules 2025

India Gate New Rules 2025: दिल्ली के इंडिया गेट पर अब पहले जैसा नजारा देखने को नहीं मिलेगा, जहां पर पिकनिक मनाती खिलखिलाती फैमिली और बच्चों की भाग-दौड़ का दृश्य दिखता था। अब यहां पर आपको टुकड़ों में बंटे परिवार दिखाई देंगे। यानी एक ही परिवार के आधे लोग अंदर घूमते हैं, और बाकी लोग बाहर बैठकर बैग और चादर की रखवाली करते हैं। इसके बाद जब अंदर वाले लोग बाहर आते हैं, तो बाहर बैठे लोग अंदर जाते हैं। कुल मिलाकर अब पूरा परिवार एक साथ इंडिया गेट का दीदार नहीं कर पा रहा है। इस बात पर यकीन करना मुश्किल है, लेकिन हकीकत अब यही है।

इंडिया गेट के अंदर इन चीजों को ले जाने पर लगी पाबंदी

अब इंडिया गेट के अंदर कई चीजे ले जाने पर सख्त मनाही है। इनमें बैग, चादर, खाना और पालतू जानवर शामिल है। इसी के साथ बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में इंडिया गेट के अंदर वीडियो बनाने पर भी पाबंदी लगा सकती है। यानी अब इंडिया गेट पर पिकनिक की छुट्टी मनाना और सोशल मीडिया के लिए कंटेंट बनाने पर रोक लगा दी जाएगी।

नियम तो बना दिए...लेकिन सुविधा देना भूल गए

अलग-अलग राज्यों या देश से आए पर्यटकों को इंडिया गेट के अंदर कोई भी सामान ले जाने पर बाहर ही रोक दिया जा रहा है। ऐसे में जब पर्यटक पूछते हैं कि वो ये सामान कहां रख सकते हैं तो जवाब मिलता है, 'कहीं नहीं, यहां कोई लॉकर नहीं है। सामान की जिम्मेदारी आपकी है।' दिल्ली के अन्य पर्यटक स्थल जैसे लाल किला और कुतुब मीनार जैसे स्मारकों पर भी लॉकर की सुविधा दी गई है, लेकिन देश के सबसे बड़े पर्यटन स्थल इंडिया गेट पर लॉकर जैसी कोई सुविधा नहीं दी गई, जिससे पर्यटकों को काफी दिक्कत हो रही।

परेशान पर्यटकों की कहानी

प्रयागराज से इंडिया गेट घूमने आए आलोक गुप्ता बैगों के ढेर पर बैठकर इंतजार कर रहे थे। उन्होंने बताया, “पूरा परिवार अंदर घूम रहा है, मैं बैग की रखवाली कर रहा हूं। गार्ड कहता है अंदर बैग नहीं ले जा सकते, लेकिन लॉकर भी नहीं है। फिर हम क्या करें?”

बनारस से आए हेमंत ने कहा कि सुरक्षा जरूरी है, लेकिन जनता की परेशानी भी समझनी चाहिए। इतना बड़ा टूरिस्ट स्पॉट और एक लॉकर की व्यवस्था नहीं।

सुरक्षा गार्ड ने क्या बताया?

इस मामले पर सुरक्षा गार्ड का कहना है कि इंडिया गेट की घास, लाइटिंग और पार्क को लोग गंदा कर देते थे। लोग घंटों चादर बिछा कर लेटे रहते थे और खाना खाते थे, जिससे गंदगी फैलती थी, इसलिए ये सब बंद करना पड़ा।

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