जबलपुर बरगी डैम हादसे में नप गया प्रशासन! येलो अलर्ट को ठेंगा दिखाना पड़ा भारी, 6 की मौत
Jabalpur Bargi Dam accident update: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में तेज तूफान के बीच पर्यटकों से भरी क्रूज नाव पलट गई। अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, 15 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है और कई अब भी लापता हैं। हादसे के बाद प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
Jabalpur Bargi Dam accident update: मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। सुहावने मौसम का लुत्फ उठाने बरगी डैम पहुंचे पर्यटकों के लिए एक सफर जिंदगी और मौत की जंग बन गया। बरगी डैम के बैकवाटर में पर्यटकों से भरा एक क्रूज अचानक आई तेज लहरों और तूफानी हवाओं की भेंट चढ़ गया। देखते ही देखते क्रूज पानी में समा गया और मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस दर्दनाक हादसे ने न केवल पर्यटकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की भी पोल खोलकर रख दी है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब मौसम विभाग ने पहले ही खतरे का संकेत दे दिया था, तो आखिर किसकी इजाजत से क्रूज को पानी में उतारा गया?
मौसम विभाग की चेतावनी को किया गया नजरअंदाज
हादसे की जड़ में एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। दरअसल, मौसम विभाग ने जबलपुर और आसपास के इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का 'येलो अलर्ट' पहले ही जारी कर दिया था। नियम के मुताबिक, ऐसी स्थिति में जल गतिविधियों पर रोक होनी चाहिए थी, लेकिन बरगी डैम प्रबंधन ने पर्यटकों की जान दांव पर लगाकर क्रूज का संचालन जारी रखा। जब क्रूज नर्मदा नदी के गहरे बैकवाटर में था, तभी अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया और उठती हुई ऊंची लहरों ने क्रूज का संतुलन बिगाड़ दिया।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी: 15 बचाए गए, 6 की मौत
हादसे के वक्त क्रूज पर करीब 30 लोग सवार थे, जो कुदरत के कहर के सामने बेबस नजर आए। जैसे ही क्रूज पलटा, स्थानीय नाविकों और प्रशासन ने मोर्चा संभाला। अब तक की जानकारी के अनुसार, 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन 6 लोगों के शव बरामद होने से मातम पसर गया है। एसडीआरएफ (SDRF) और गोताखोरों की टीम अभी भी लापता लोगों की तलाश में डैम की गहराइयों को खंगाल रही है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है।
मुख्यमंत्री ने दिए जांच के निर्देश, उठे गंभीर सवाल
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और सोशल मीडिया के जरिए अधिकारियों को रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी। हालांकि, स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। उनका कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि प्रशासनिक हत्या है। जब तूफान की आहट पहले से थी, तो क्रूज चालक और प्रबंधन ने इसे हल्के में क्यों लिया? अब देखना होगा कि इस लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारियों पर प्रशासन क्या कड़ी कार्रवाई करता है।