West Bengal Counting Security: बंगाल काउंटिंग सेंटर में तीन-स्तरीय सुरक्षा, QR कोड से मिलेगी एंट्री

West Bengal Counting Security: पश्चिम बंगाल में 4 मई की मतगणना के लिए चुनाव आयोग ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। काउंटिंग सेंटर में प्रवेश के लिए तीन-स्तरीय जांच और QR कोड वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है।

Update:2026-04-30 22:31 IST

West Bengal Counting Security (Image Credit-Social Media)

West Bengal Counting Security: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की 4 मई को होने वाली मतगणना के लिए चुनाव आयोग ने काउंटिंग सेंटरों की सुरक्षा और कड़ी कर दी है, ताकि मतगणना के दिन कोई अनधिकृत व्यक्ति अंदर प्रवेश न कर सके।

4 मई को मतगणना स्थल पर प्रवेश के लिए तीन चरणों की पहचान जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा।

चुनाव आयोग ने ईवीएम की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। जारी अधिसूचना के मुताबिक, पहचान पत्र की जांच तीन चरणों में होगी। पहले और दूसरे चरण में पहचान पत्र की मैनुअल जांच की जाएगी। तीसरे चरण में क्यूआर कोड के जरिए सत्यापन किया जाएगा।

अंतिम चरण में क्यूआर कोड स्कैन होने के बाद ही काउंटिंग सेंटर में प्रवेश के लिए ‘ग्रीन सिग्नल’ मिलेगा।

चुनाव आयोग ने कहा कि यह नियम सभी रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, मतगणना कर्मियों, उम्मीदवारों और चुनाव एजेंटों पर लागू होगा।

जिला चुनाव अधिकारियों और रिटर्निंग ऑफिसरों को इस व्यवस्था को लागू करने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने यह भी कहा है कि काउंटिंग सेंटरों के प्रवेश बिंदुओं पर प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की जाए, ताकि प्रवेश पर सख्ती से नियंत्रण रखा जा सके।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा, ''काउंटिंग सेंटरों की सुरक्षा को लेकर शिकायतें मिली हैं।''

उन्होंने कहा कि वह खुद विभिन्न काउंटिंग सेंटरों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की जांच करेंगे। प्रतिनिधि भी जानकारी जुटा रहे हैं और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा और बढ़ाई जाएगी।

इस बीच, हर जिले के स्ट्रॉन्ग रूम पर भी चुनाव आयोग की कड़ी नजर है। 4 मई को चुनाव नतीजे घोषित किए जाएंगे।

इससे पहले राज्य के स्ट्रॉन्ग रूम को भारी सुरक्षा घेरे में रखा गया है। जानकारी के मुताबिक, चुनाव आयोग ने स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा और बढ़ा दी है।

ईवीएम पहले ही स्ट्रॉन्ग रूम में पहुंच चुकी हैं। पहले यहां 200 कंपनियां केंद्रीय बलों की तैनात करने का फैसला लिया गया था, लेकिन अब सुरक्षा बढ़ाने के तहत और ज्यादा केंद्रीय बल तैनात किए जा रहे हैं।

पश्चिम बंगाल की 142 विधानसभा सीटों पर 29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान हुआ था। आधी रात तक इसके लिए 92.47 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके साथ ही दो चरणों का औसत मतदान प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 92.85 प्रतिशत हो गया है।

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