राहुल गांधी ने PM पर की सवालों की बारिश, लोकसभा में दिखा रौद्र रूप, मोदी हुए शांत
Rahul Gandhi on PM Modi: लोकसभा में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी और सत्ताधारी पार्टी पर जमकर हमला बोला, 'वोट चोरी' को राष्ट्रविरोधी कृत्य बताया और चुनाव सुधारों की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने CJI को चयन पैनल से हटाने और चुनाव आयुक्तों को सुरक्षा देने जैसे विवादास्पद कानूनों पर सवाल उठाए।
Rahul Gandhi on PM Modi: लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को सत्ताधारी पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर सीधा और गंभीर हमला बोला। उन्होंने 'वोट चोरी' को सबसे बड़ा राष्ट्र विरोधी कृत्य करार दिया और आरोप लगाया कि सत्तापक्ष में बैठे लोग इस कृत्य को अंजाम दे रहे हैं और 'आइडिया ऑफ इंडिया' (भारत की अवधारणा) को नष्ट कर रहे हैं। राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग तथा दूसरी संस्थाओं पर 'कब्जा करने' का आरोप लगाते हुए चुनाव सुधारों की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश के महान लोकतंत्र में वोट चोरी की कोई गुंजाइश नहीं है।
CJI को सिलेक्शन पैनल से क्यों निकाला?
राहुल गांधी ने 2023 के उस विवादास्पद कानून पर केंद्र सरकार को घेरा, जिसने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों को चुनने वाले पैनल से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) को हटा दिया था। इस पैनल में अब प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और विपक्ष के नेता शामिल हैं। उन्होंने सरकार से दो टूक सवाल किया "CJI को सिलेक्शन पैनल से क्यों हटाया गया? क्या CJI पर भरोसा नहीं है?" राहुल ने कहा कि वह विपक्ष के नेता के तौर पर इस समिति का हिस्सा हैं, लेकिन पैनल में प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के होने के कारण उनकी आवाज 'गौण' है। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि CJI को हटाने का मकसद यही था कि उस कमरे में विपक्ष की कोई आवाज न रह पाए।
'गलत काम पर सुरक्षा क्यों दी गई?'
राहुल गांधी ने 2023 के कानून के एक अन्य खंड पर भी सवाल उठाया, जिसमें चुनाव आयुक्तों को उनकी ऑफिशियल कैपेसिटी में किए गए कामों के लिए सजा से सुरक्षा दी गई है। उन्होंने पूछा कि यह सुनिश्चित करने के लिए दूसरा कानून क्यों पास किया गया कि किसी भी चुनाव आयुक्त को उनके ऑफिशियल काम के लिए सजा न दी जा सके? राहुल गांधी ने दावा किया कि इसका सीधा नतीजा यह निकला है कि अब चुनाव की तारीखें भी प्रधानमंत्री के शेड्यूल के हिसाब से तय की जाती हैं।
तीन बड़े चुनाव सुधारों की मांग
राहुल गांधी ने लोकतंत्र को बचाने और 'वोट चोरी' की गुंजाइश खत्म करने के लिए तीन बड़े चुनाव सुधारों की मांग की:
वोटर लिस्ट: मशीन से पढ़ने योग्य मतदाता सूची सभी राजनीतिक दलों को चुनाव से एक महीने पहले उपलब्ध कराई जाए।
फुटेज: मतदान के समय की सीसीटीवी फुटेज प्रदान की जाए और इसे नष्ट करने का नियम बदला जाए।
ईवीएम: ईवीएम की संरचना के बारे में जानकारी दी जाए और ईवीएम देखने के लिए दी जाए।
उन्होंने दावा किया कि सरकार चुनाव सुधार नहीं चाहती है क्योंकि विश्वविद्यालयों, जांच एजेंसियों और निर्वाचन आयोग जैसी सभी संस्थाओं पर कब्जा कर लिया गया है।