Waqf Bill: वक्फ संशोधन विधेयक 2025 हुआ कानून, राष्ट्रपति से मिली मंजूरी

Waqf Bill: वक्फ संशोधन बिल, जो संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका था, अब कानून बन गया है। इसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। राज्यसभा में विधेयक के पक्ष में 128 और विपक्ष में 95 वोट पड़े, जबकि लोकसभा में इसके पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 वोट पड़े। दोनों सदनों में विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया था।;

Update:2025-04-06 07:15 IST

वक्फ संशोधन विधेयक 2025 हुआ कानून (फोटो: सोशल मीडिया)

Waqf Bill: वक्फ संशोधन विधेयक 2025 अब कानून बन चुका है, क्योंकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसे मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति की मंजूरी से पहले यह बिल दोनों सदनों से पास हो चुका था। सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर यह जानकारी दी कि "संसद से पारित वक्फ संशोधन अधिनियम को 5 अप्रैल, 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है और इसे सामान्य जानकारी के लिए प्रकाशित किया गया है।"

वक्फ (संशोधन) विधेयक को शुक्रवार को राज्यसभा में लंबी और तीखी बहस के बाद पारित किया गया। राज्यसभा में इस पर करीब 14 घंटे तक बहस हुई, जिसमें पक्ष में 128 और विरोध में 95 वोट पड़े। इसके बाद इसे पारित कर दिया गया। इससे पहले, लोकसभा ने भी विधेयक को 12 घंटे की बहस के बाद मंजूरी दी थी, जिसमें पक्ष में 288 वोट और विपक्ष में 232 वोट पड़े थे।वक्फ संशोधन बिल, जो संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका था, अब कानून बन गया है। इसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। राज्यसभा में विधेयक के पक्ष में 128 और विपक्ष में 95 वोट पड़े, जबकि लोकसभा में इसके पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 वोट पड़े। दोनों सदनों में विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया था।

विपक्ष का विरोध

विपक्षी दलों ने इस विधेयक का विरोध करते हुए इसे मुस्लिम विरोधी और असंवैधानिक करार दिया। हालांकि, सरकार ने इसका जवाब देते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक सुधार अल्पसंख्यक समुदाय को लाभ पहुंचाएगा और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।

विधेयक का नया नाम

राष्ट्रपति मुर्मू की मंजूरी के बाद इस विधेयक का नाम "Unified Management Empowerment Efficiency and Development" (उम्मीद) रखा गया है। इस कानून का उद्देश्य महिलाओं को वक्फ संपत्तियों पर समान उत्तराधिकार अधिकार देना है, जिससे लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा और मुस्लिम महिलाओं को सशक्त किया जाएगा।

प्रमुख प्रावधान

1. वक्फ बोर्ड की संरचना: बोर्ड में इस्लाम के सभी फिकरों का प्रतिनिधित्व होगा। केंद्रीय वक्फ परिषद में 22 सदस्य होंगे, जिनमें चार गैर-मुस्लिम होंगे।

2. वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण: वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन के लिए चैरिटी कमिश्नर की नियुक्ति की जाएगी।

3. विधवा, तलाकशुदा महिलाओं और अनाथ बच्चों के अधिकार: इन वर्गों के अधिकारों की रक्षा की जाएगी और इन्हें वक्फ संपत्ति घोषित नहीं किया जा सकेगा।

4. विवादों का समाधान: वक्फ न्यायाधिकरण को अधिक सशक्त बनाया जाएगा और अपील का प्रावधान भी जोड़ा गया है।

5. राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित संपत्तियों को वक्फ घोषित नहीं किया जा सकेगा।

विधेयक लाने का कारण

संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि 2006 में देश में 4.9 लाख वक्फ संपत्तियां थीं, जो मात्र 163 करोड़ रुपये की आय उत्पन्न करती थीं। 2013 के संशोधन के बाद भी यह आय केवल 3 करोड़ रुपये बढ़ी। वर्तमान में देश में 8.72 लाख वक्फ संपत्तियां हैं, लेकिन इनके प्रबंधन में सुधार की आवश्यकता थी, जिसे इस विधेयक के माध्यम से पूरा किया जाएगा।

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