Maya Civilization History: माया सभ्यता का इतिहास कितना है पुराना, जानिए इसकी वास्तुकला और वर्तमान स्थिति को

Maya Civilization History: माया सभ्यता मध्य अमेरिका के क्षेत्रों मैक्सिको, ग्वाटेमाला, बेलीज, होंडुरास और एल सल्वाडोर में फैली हुई थी।;

Written By :  Akshita Pidiha
Update:2025-04-04 14:13 IST

Maya Pyramids (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

Maya Civilization History In Hindi: माया सभ्यता (Maya Civilization) मध्य अमेरिका की सबसे रहस्यमयी और उन्नत प्राचीन सभ्यताओं में से एक थी। इस सभ्यता ने कई शानदार पिरामिडों (Maya Pyramids) का निर्माण किया, जो आज भी इसकी भव्यता और वैज्ञानिक कुशलता का प्रमाण हैं। ये पिरामिड न केवल धार्मिक और खगोलीय उद्देश्यों के लिए बनाए गए थे, बल्कि यह शक्ति और सामाजिक संरचना के प्रतीक भी थे।

माया सभ्यता का परिचय (Maya Civilization Introduction)

(फोटो साभार- सोशल मीडिया)

माया सभ्यता मध्य अमेरिका के क्षेत्रों मैक्सिको, ग्वाटेमाला, बेलीज, होंडुरास और एल सल्वाडोर में फैली हुई थी। यह सभ्यता 2000 ईसा पूर्व से लेकर 16वीं शताब्दी तक अस्तित्व में रही, जब स्पेनिश विजेताओं ने इसे नष्ट कर दिया।

माया सभ्यता को तीन मुख्य कालखंडों में विभाजित किया जाता है:-

प्रारंभिक काल (2000 ईसा पूर्व - 250 ईस्वी): यह सभ्यता की नींव रखने का समय था।

शास्त्रीय काल (250-900 ईस्वी): यह माया सभ्यता का स्वर्ण युग था, जब अधिकांश पिरामिडों का निर्माण हुआ।

उत्तर-शास्त्रीय काल (900-1500 ईस्वी): इस दौरान माया शहरों का पतन शुरू हुआ और सभ्यता कमजोर पड़ने लगी।

माया पिरामिडों का निर्माण और वास्तुकला (Construction and Architecture Of Maya Pyramids)

माया पिरामिड कई मायनों में मिस्र के पिरामिडों से भिन्न थे। जहां मिस्र के पिरामिड मृत राजाओं के मकबरे के रूप में बनाए गए थे, वहीं माया पिरामिड धार्मिक अनुष्ठानों, बलिदानों और खगोलीय गणनाओं के लिए निर्मित किए गए थे।

माया पिरामिडों की विशेषताएँ (Characteristics of the Maya Pyramids)

(फोटो साभार- सोशल मीडिया)

ये सीढ़ीदार संरचना के रूप में बनाए गए थे। इनकी ऊँचाई आमतौर पर 30-75 मीटर तक होती थी। इनमें एक मंदिर या वेदी होती थी, जहां अनुष्ठान किए जाते थे। इनका निर्माण चूना पत्थर और मिट्टी से किया गया था। ये पिरामिड खगोलीय गणनाओं के अनुरूप बनाए गए थे।

प्रमुख माया पिरामिड और उनके महत्व (Major Maya Pyramids And Their Significance)

माया सभ्यता ने कई पिरामिडों का निर्माण किया, जिनमें से कुछ आज भी संरक्षित हैं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

(फोटो साभार- सोशल मीडिया)

(1) चिचेन इट्ज़ा (Chichen Itza) – एल कास्टिलो पिरामिडयह माया सभ्यता का सबसे प्रसिद्ध पिरामिड हैइसे कुकुलकन (Kukulkan) पिरामिड भी कहा जाता है। इसकी 365 सीढ़ियाँ साल के 365 दिनों को दर्शाती हैं। वसंत और शरद विषुव (Equinox) के समय इस पिरामिड पर सूर्य की रोशनी गिरती है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि एक साँप नीचे उतर रहा है।

(फोटो साभार- सोशल मीडिया)

(2) तिकाल (Tikal) का मंदिर पिरामिड- यह ग्वाटेमाला में स्थित है और माया सभ्यता के सबसे बड़े स्थलों में से एक है। यह 70 मीटर ऊँचा है और इसे ‘जगुआर का मंदिर’ भी कहा जाता है। यह माया राजाओं के महलों और अनुष्ठानों के लिए उपयोग होता था।

(फोटो साभार- सोशल मीडिया)

(3) कॉपन (Copán) का रोज़ालिला मंदिर- यह होंडुरास में स्थित है और अपनी जटिल नक्काशी और शिलालेखों के लिए प्रसिद्ध है। यह माया सभ्यता की धार्मिक और राजनीतिक शक्ति का प्रतीक था।

(फोटो साभार- सोशल मीडिया)

(4) पालेनके (Palenque) का मंदिर- यह दक्षिणी मैक्सिको में स्थित है और इसकी नक्काशी बहुत प्रसिद्ध है। इसमें राजा पाकल का मकबरा स्थित है, जिसमें जटिल चित्र उकेरे गए हैं।

माया पिरामिडों का धार्मिक महत्व (Religious Importance Of Maya Pyramids)

माया सभ्यता में पिरामिडों को धर्म और आस्था के केंद्र के रूप में देखा जाता था।

(1) बलिदान और अनुष्ठान- माया सभ्यता के लोग अपने देवताओं को प्रसन्न करने के लिए मानव बलिदान करते थे। बलिदानों के लिए पिरामिडों के शीर्ष पर वेदियाँ बनी होती थीं। बलि के दौरान अक्सर कैदियों और बच्चों का उपयोग किया जाता था।

(2) खगोलीय गणना और पिरामिड- माया खगोलविदों ने अपने पिरामिडों को इस तरह बनाया था कि वे सूर्य, चंद्रमा और ग्रहों की चाल केअनुरूप हों। चिचेन इट्ज़ा का पिरामिड इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है, जहां विषुव पर सांप की आकृति बनती है।

(3) मृतकों के लिए स्मारक- कई माया पिरामिड राजाओं और महत्वपूर्ण व्यक्तियों के दफन स्थलों के रूप में भी उपयोग किए जाते थे। इनमें जटिल शिलालेख और चित्र उकेरे गए होते थे, जो माया इतिहास की जानकारी देते हैं।

माया सभ्यता का पतन और पिरामिडों की खोज (Maya Civilization Collapse And Pyramids Discovery)

माया सभ्यता का पतन कई कारणों से हुआ, जिनमें सूखा, युद्ध, आंतरिक विद्रोह, कृषि विफलता और स्पेनिश आक्रमण शामिल थे। स्पेनिश विजय के बाद, माया शहरों को छोड़ दिया गया और पिरामिड जंगलों में दब गए। 19वीं और 20वीं शताब्दी में, पुरातत्वविदों ने कई पिरामिडों को फिर से खोजा। 1920 और 1930 के दशक में तिकाल और पालेनके के पिरामिडों की खोज हुई।

माया पिरामिड न केवल वास्तुशिल्पीय चमत्कार हैं, बल्कि इनके पीछे कई ऐसे रहस्य छिपे हैं जो आज भी वैज्ञानिकों, पुरातत्वविदों और शोधकर्ताओं को आश्चर्यचकित करते हैं। इन पिरामिडों में खगोलीय गणनाओं, गुप्त कक्षों, बलिदानों, छिपे हुए मार्गों, और जटिल कोडों जैसी रहस्यमय चीज़ें शामिल हैं।

खगोलीय गणना और ज्योतिषीय रहस्य

(फोटो साभार- सोशल मीडिया)

(1) पिरामिड और खगोलीय घटनाएँ

चिचेन इट्ज़ा का एल कास्टिलो पिरामिड 365 सीढ़ियों वाला है, जो साल के 365 दिनों का प्रतिनिधित्व करता है। विषुव (Equinox) के समय, सूर्य की छाया पिरामिड की सीढ़ियों पर इस तरह गिरती है कि ऐसा लगता है जैसे एक सर्प (कुकुलकन) नीचे उतर रहा हो। तिकाल के पिरामिड कुछ इस प्रकार बनाए गए हैं कि उनके कोनों से सूर्य के उदय और अस्त का सही-सही अंदाजा लगाया जा सकता है।

(2) ग्रहों की स्थितियों से जुड़ी संरचनाएँ

कुछ पिरामिडों का संरेखण (Alignment) शुक्र (Venus) ग्रह की गति के अनुसार किया गया है। माया कैलेंडर की गणनाएँ इतनी सटीक थीं कि वे ग्रहण, विषुव और अन्य खगोलीय घटनाओं को भविष्यवाणी कर सकते थे। यह समझना कठिन है कि बिना आधुनिक उपकरणों के माया सभ्यता ने इतनी सटीक खगोलीय गणनाएँ कैसे कीं।

गुप्त कक्ष और भूमिगत सुरंगें

वैज्ञानिकों ने चिचेन इट्ज़ा के नीचे एक गुप्त गुफा (Cenote) की खोज की है। यह एक जलाशय है, जिसे पवित्र माना जाता है और माना जाता है कि इसमें बलि दी गई आत्माओं को जल समाधि दी जाती थी। यह गुफा पिरामिड के गिरने से पहले इसे संरक्षित रखने में मदद कर रही है। तिकाल, पालेनके और कैलाकमुल के पिरामिडों के नीचे भूलभुलैया जैसी भूमिगत सुरंगें मिली हैं। ये सुरंगें शहर के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ती थीं और संभवतः शाही परिवार और पुजारियों द्वारा उपयोग की जाती थीं। कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि ये सुरंगें रहस्यमय अनुष्ठानों और गुप्त समारोहों के लिए बनाई गई थीं।

बलिदान और रहस्यमयी अनुष्ठान

(फोटो साभार- सोशल मीडिया)

मानव बलिदान का केंद्माया सभ्यता में देवताओं को प्रसन्न करने के लिए मानव बलिदान देना एक आम प्रथा थी। पिरामिडों के शीर्ष पर बलिदान किए जाते थे और खून को पवित्र माना जाता था। चिचेन इट्ज़ा और तिकाल में बलिदान के सैकड़ों कंकाल मिले हैं। पोक-ता-पोक (Pok-Ta-Pok) नामक खेल माया सभ्यता में बहुत लोकप्रिय था। ऐसा माना जाता है कि जो खिलाड़ी इस खेल में हारता था, उसे बलि चढ़ा दिया जाता था। चिचेन इट्ज़ा में एक विशाल खेल का मैदान मिला है, जहां इन अनुष्ठानों के सबूत मिले हैं।

माया सभ्यता का रहस्यमयी पतन- 9वीं से 10वीं शताब्दी के बीच, कई माया शहर अचानक नष्ट हो गए। तिकाल, पालेनके, कैलाकमुल जैसे प्रमुख शहर छोड़ दिए गए। उनकी वजह आज भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। वैज्ञानिकों ने कई कारण बताए हैं, जैसे सूखा, युद्ध, जलवायु परिवर्तन, महामारी और आंतरिक विद्रोह। लेकिन निश्चित रूप से कुछ कहा नहीं जा सकता।

कोड और शिलालेख: क्या माया सभ्यता एलियंस से जुड़ी थी

माया सभ्यता के मंदिरों और पिरामिडों में कई ऐसी चित्रकारी और मूर्तियाँ मिली हैं, जिनमें अजीब आकृतियाँ और उड़नतश्तरियों (UFO) जैसी चीजें दर्शाई गई हैं। कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि यह एलियंस के अस्तित्व का प्रमाण हो सकता है। माया सभ्यता ने लिपियों और कोडों का उपयोग किया, जिनमें से कई आज भी पूरी तरह पढ़े नहीं जा सके हैं। यदि चिचेन इट्ज़ा पिरामिड के सामने तालियाँ बजाई जाएं, तो यह गूंजकर पक्षी (quetzal) की आवाज निकालती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह ध्वनि तरंगों का प्रभाव है। लेकिन यह समझना कठिन है कि माया इंजीनियरों ने यह कैसे किया।

माया पिरामिड केवल एक प्राचीन सभ्यता के स्मारक नहीं हैं, बल्कि यह विज्ञान, खगोलशास्त्र, धर्म और अनसुलझे रहस्यों का अद्भुत संगम हैं। आज भी शोधकर्ता इन पिरामिडों के अंदर नए गुप्त कक्षों, सुरंगों, और शिलालेखों की खोज कर रहे हैं, जो इस सभ्यता के बारे में और अधिक जानकारी प्रदान कर सकते हैं।

माया सभ्यता के पिरामिडों में कई अद्भुत चीजें मिली हैं, जो इस प्राचीन सभ्यता की उन्नत ज्ञान प्रणाली और संस्कृति को दर्शाती हैं।

सान बार्तोलो, ग्वाटेमाला: यहाँ के एक पिरामिड में 2200 साल पुराना कैलेंडर मिला है, जो माया सभ्यता का सबसे पुराना कैलेंडर माना जाता है। 2007 में इसे "दुनिया के नए सात अजूबों" में शामिल किया गया। यहाँ अमेरिका का सबसे बड़ा माया खेल का मैदान भी स्थित है। क्विंटाना रू राज्य का सबसे ऊँचा पिरामिड यहीं है, जिसे नोहोक मुल कहा जाता है (138 फीट ऊँचा)। कोबा शहर में सफेद पत्थर की सड़कें (sacbe) मिली हैं, जो अन्य माया शहरों को जोड़ती थीं। इसमें राजा उकित कान ले'ट टोक की कब्र मिली, जिसमें 7000 से अधिक बहुमूल्य वस्तुएँ पाई गईं।

माया पिरामिडों की वर्तमान स्थिति

आज माया पिरामिड मध्य अमेरिका में प्रमुख पर्यटन स्थलों के रूप में देखे जाते हैं। चिचेन इट्ज़ा और तिकाल जैसे पिरामिड यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में शामिल किए गए हैं। सरकारें इनकी संरक्षा और पुनर्निर्माण के लिए काम कर रही हैं। हर साल लाखों पर्यटक इन पिरामिडों को देखने आते हैं। विषुव पर चिचेन इट्ज़ा में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं। जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण से इन संरचनाओं को नुकसान हो रहा है। अवैध खुदाई और स्मगलिंग से कई पुरातत्वीय अवशेष चोरी हो गए हैं।

माया सभ्यता के पिरामिड न केवल भव्य संरचनाएँ हैं, बल्कि वे खगोलशास्त्र, गणित, धार्मिक अनुष्ठानों और वास्तुकला का अद्भुत संगम भी हैं। आज भी इन स्थानों पर शोध किए जा रहे हैं, जिससे माया सभ्यता के और अधिक रहस्यों का पता चल सकता है।

माया पिरामिड प्राचीन सभ्यता की एक अद्भुत धरोहर हैं। ये न केवल आर्किटेक्चर और इंजीनियरिंग का चमत्कार हैं, बल्कि यह माया सभ्यता के धार्मिक, खगोलीय और सामाजिक पहलुओं को भी दर्शाते हैं।

आज भी ये पिरामिड मानव इतिहास और संस्कृति के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण हैं। यदि इनकी सही तरीके से रक्षा की जाए, तो ये हजारों वर्षों तक हमें हमारी प्राचीन सभ्यता की झलक दिखाते रहेंगे।

Tags:    

Similar News