69000 Shikshak Bharti: 69 शिक्षक भर्ती में नहीं लागू होगा EWS आरक्षण, जानें क्यों?

69000 Shikshak Bharti: 69 हजार शिक्षक भर्ती (69000 Shikshak Bharti) में शामिल सामान्य वर्ग के आर्थिक पिछड़े अभ्यर्थियों ने याचिका दाखिल कर भर्ती प्रक्रिया में ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू करने की मांग की थी।

Report :  Jugul Kishor
Update: 2024-03-02 02:57 GMT

Allahabad High Court (Social Media)

69000 Shikshak Bharti: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69000 सहायक शिक्षक भर्ती (69000 Assistant Teacher Recruitment) में EWS यानि आर्थिक पिछड़ा वर्ग आरक्षण (Reservation) लागू करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका को खारिज कर दिया है। आर्थिक पिछड़ा वर्ग आरक्षण की मांग करने वाले अभ्यर्थियों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने कहा भर्ती की प्रक्रिया आर्थिक पिछड़ा वर्ग आरक्षण (Reservation) लागू होने से पूर्व ही शुरु हो चुकी है। ऐसी स्थिति में सिर्फ और सिर्फ ऑफिस मेरोरेंडम जारी होने के आधार पर राज्य सरकार आरक्षण लागू करने के लिए बाध्य नहीं है। यह आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश सौरभ श्याम शमशेरी की सिंगल बेंच ने दिया।

EWS अभ्यर्थियों ने दाखिल की थी याचिका

69 हजार शिक्षक भर्ती (69000 Shikshak Bharti) में शामिल सामान्य वर्ग के आर्थिक पिछड़े अभ्यर्थियों ने याचिका दाखिल कर भर्ती प्रक्रिया में ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू करने की मांग की थी। दायर की याचिका में दलील दी गई थी कि संसद ने संविधान में 103 वें संशोधन द्वारा 12 जनवरी 2019 को आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया था। यूपी सरकार ने इसे 18 फरवरी 2019 को ऑफिस मेमोरेंडम जारी कर लागू कर दिया। 

दरअसल, 69 शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2018 को शुरू हुई थी लेकिन परीक्षा 2019 में आयोजित की गई थी, ऑफिस मेमोरेंडम लागू होने के बाद और इसका परिणाम 12 मई 2020 को घोषित किया गया। याचियों ने आर्थिक पिछड़ा वर्ग का प्रमाण पत्र प्राप्त कर 10 प्रतिशत पदों पर आरक्षण लागू करने के लिए प्रस्तुत किया। लेकिन, योगी सरकार ने इसे सही नहीं माना। 

अभ्यर्थियों का कहना था कि शिक्षक भर्ती परीक्षा में EWS आरक्षण लागू होना चाहिए, क्योंकि परीक्षा और चयन प्रक्रिया संशोधन लागू हो जाने और ईडब्ल्यूएस प्रावधान को लेकर 18 फरवरी 2019 को लागू को जारी ऑफिस मेमोरेंडम के बाद की गई है, जबकि कोर्ट का कहना था कि यदि चयन प्रक्रिया 16 मई 2019 को सहायक अध्यापक भर्ती का शासनादेश जारी होने के साथ शुरू हो गई अर्थात 18 फरवरी 2019 को ऑफिस मेमोरेंडम आने के बाद तो क्या सरकार ईडब्ल्यूएस आरक्षण देने के लिए बाध्य है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर उत्तर प्रदेश में EWS आरक्षण एक्ट लागू नहीं हुआ था और इस प्रावधान को ऑफिस मेमोरंडम द्वारा लागू किया गया था।

 

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