अगर नहीं गए हैं आगरा की ये टॉप 5 जगहें तो एक बार जरुर बनाएं प्लान

Update: 2018-08-24 07:54 GMT

आगरा: विश्व के सात अजूबों में से एक अजूबा ताज महल भी माना जाता हैं जो उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर आगरा में स्थित हैं। आगरा का एक अलग ही खुबसूरत इतिहास हैं जिसें अकबर ने कला, संस्कृति, शिक्षा और वाणिज्य के आसन के रूप में विकसित किया।

साथ ही वहीँ औरंगजेब की मृत्यु के बाद, मुगल शासन भी समाप्त हुआ। बता दें, मुगल काल के बाद, आगरा शहर मराठों, जाटों और ब्रिटिशों द्वारा शासित था। जिसकें बाद शहर में कई क्षेत्रीय राज्यों के उद्भव किया गया।

बता दें, आगरा शहर में स्थित ताजमहल शाहजहां ने अपनी मुमताज के लिए बनवाया था। जिसें प्यार का प्रतिक माना जाता हैं। जिसें दुनियाभर के लोग देखनें के लिए आतें हैं। लेकिन आगरा शहर में सिर्फ ताजमहल ही नहीं बल्कि कई और भी ऐसी इमारतें हैं जिनकीं अपनी अलग कहानी हैं। जहां घूमनें का मजा खास कर अक्टूबर के महीनें में आता हैं। जो लोग घूमनें का प्लान बना रहें हैं तो आगरा जरुर जायें और साथ ही कीजियें इन जगहों की शैर।

ताज महल

ताज महल एक ऐसी इमारत है जिसे शाहजहां ने अपनी पत्‍नी मुमताज महल की मृत्‍यु के शोक में बनवाया था। जो यमुना नदी के किनारें स्थित हैं मानसून के मौसम में ताजमहल का नजारा बहुत ही खुबसूरत लगता हैं इसकी सुन्दरता को देखनें के लिए लोग दूर दूर सें आतें हैं।

आगरे का किला

आगरा के नाम से बना यें आगरे का किला जो लाल किला, फोर्ट रोज और आगरे का लाल किला भी कहा जाता है। इसे 1654 में अकबर ने बनवाया था। पुराने जमानें में यें किया एक सैन्य चौकी थी यहां शाही लोग भी रहा करते थे। इस किलें में कुछ स्‍थापत्‍य कला के आकर्षण मौजूद हैं जैसे शीशे से बनी दीवार शीश महल, शाही बगीचा अंगूरी बाग, राज दरबार की महिलाओं के लिए बनी नगीना मस्जिद आदि जो दिखनें में बहुत खुबसूरत हैं।

खास महल

इस जगह को शाहजहां ने अपनी बेटियों जहांआरा और रोशनआरा के लिए बनवाया था। सफेद संगमरमर से बने इस खूबसूरत महल के एक ओर अंगूरी बाग तो दूसरी ओर बहती हुई नदी है। महल की छत पर बड़े पैमाने पर भित्ति चित्र और नक्काशी की गई है। महल को पेंट करने के लिए सोने और नीले रंग के शाही रंगों का इस्तेमाल किया गया है। जो दिखनें में काफी आकर्षक लगता हैं।

चीनी का राउजा

चीनी का राउजा का निर्माण शाहजहां के राज दरबार के प्रधानमंत्री और अल्‍लामी के महान कवि मौलाना शुक्ररल्‍लाह शिराजी के द्वारा करवाया गया था। बता दें, उन्‍हें मकबरे का निर्माण करवाने का शौक था और इसलिए उन्‍होंने 1635 में चीनी का राउजा का निर्माण करवाया। इस किलें को चीन के किलें के नाम से भी जाना जाता हैं। इस मकबरे की वास्तुकला को अपरंपरागत माना जाता है क्योंकि इसमें एक अप्राकृतिक गुंबद भी मौजूद है।

मोती मस्जिद

आगरा शरह में खुबसूरत इमारतों में से मोती मस्जिद भी सामिल हैं जो भीतर से सफेद संगमरमर और बाहर से लाल बलुआ पत्‍थरों से बनाया गया है। बता दें, इस मस्जिद के बाहर सूर्य घड़ी स्थित है। मस्जिद की पूर्वोत्तर की ओर विशाल और मुख्‍य प्रवेश द्वार है। मुख्‍य प्रार्थना कक्ष के एक ओर महिलाओं के लिए अलग से प्रार्थना कक्ष बनाया गया है। मुख्य प्रार्थना कक्ष में तीन घुमावदार गुंबदों का मुकुट भी है। जो दिखनें में रोचक हैं।

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