पुलवामा में शहीद हुए थे कौशल रावत, आज भी प्रतिमा को अनावरण का इंतजार
आगरा में पुलवामा शहीद की प्रतिमा को अनावरण का इंतजार है। 14 फरवरी को हुए पुलवामा हमले में कौशल कुमार रावत शहीद हुए थे...;
पुलवामा में शहीद हुए थे कौशल रावत (फाइल फोटो)
Pulwama : पूरा देश आजादी की 75 वी वर्षगांठ मनाने की तैयारी में है, लेकिन आगरा में पुलवामा शहीद की प्रतिमा को अनावरण का इंतजार है। 14 फरवरी को हुए पुलवामा हमले में आगरा के कहरई गांव के रहने वाले लाल कौशल कुमार रावत शहीद हो गए थे । शहीद की शहादत के बाद कौशल कुमार रावत के घर पर उपमुख्यमंत्री संवेदना जताने पहुचे थे । शहीद परिवार को सरकारी सुविधाए दी जाने की घोषणाए की गई लेकिन अब तक न तो सरकार के वादे पूरे हो पाए है । ना ही शहीद कौशल कुमार रावत की प्रतिमा का अनावरण नही हो पाया है । शहीद स्थल का निर्माण पूरा हो चुका है । मौके पर शहीद कौशल कुमार रावत की प्रतिमा भी लग चुकी है लेकिन अब तक प्रतिमा का अनावरण नही हो पाया है ।
क्यों नहीं हो पा रहा है प्रतिमा का अनावरण
शहीद कौशल कुमार रावत की शहादत के बाद कहरई गांव में बनाई गई। प्रतिमा का अनावरण शहीद की पत्नी की जिद की वजह से नहीं हो पा रहा है। दअरसल शहीद की पत्नी ममता रावत शासन प्रशासन से नाराज हैं। ममता रावत का कहना है कि सरकार ने उन्हें जमीन देने , शस्त्र लाइसेंस देने , चौराहे का नाम बदलने का वादा किया था , लेकिन सरकार अबतक अपना वादा पूरा नही कर पाई है । ममता रावत का कहना है कि जबतक सरकार द्वारा किये गए सभी वायदे पूरे नही किये जायेंगे । तबतक वो अपने पति शहीद कौशल कुमार रावत की प्रतिमा का अनावरण नही होने देंगी ।
शहीद कौशल कुमार रावत मामले पर गर्मा रही है राजनीति
शहीद कौशल कुमार रावत की पत्नी लगातार सरकार पर हमलावर सरकार शासन प्रशासन पर गंभीर आरोप लगा रही हैं । ऐसे में विपक्षी दल इस मामले को तूल दे रहे हैं । राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी शहीद परिवार से मुलाकात कर चुके हैं । माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अन्य विपक्षी दलों के बड़े नेता भी शहीद की पत्नी ममता रावत से मुलाकात करने उनके घर पहुंच सकते हैं ।
कब होगा शहीद की प्रतिमा का अनावरण
पुलवामा हमले में शहीद हुए कौशल कुमार रावत की शहादत को 2 साल से ज्यादा समय बीत चुका है । करीब साल भर से शहीद की प्रतिमा भी बनकर तैयार है । लेकिन यह सवाल अब तक बरकरार है कि शहीद की प्रतिमा का अनावरण आखिर कब तक होगा ? शासन-प्रशासन कब तक शहीद की पत्नी को संतुष्ट कर पाएगा । उनकी मांगों को पूरा कर पाएगा क्योंकि इसके बाद ही शहीद की प्रतिमा के अनावरण का रास्ता साफ हो पाएगा । क्योंकि शहीद की पत्नी ममता रावत यह तस्वीर बिल्कुल साफ कर चुकी है कि जब तक उनकी सभी मांगे नहीं मानी जाएंगी । वह किसी कीमत पर प्रतिमा का अनावरण नहीं होने देंगी ।