Chandauli News: प्राइवेट वाहनों से पैसा कमाने वाले वाहन स्वामियों पर होगी कार्रवाई, जानिए कैसे कर रहे हैं अवैध कमाई

Chandauli News: प्राइवेट वाहन स्वामियों द्वारा टैक्स की चोरी करते हुए व्यावसायिक उपयोग में लगाकर कमाई कर रहे हैं इस पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी में करें निर्देश देते हुए सभी विभागों से प्राइवेट वालों को हटाने का निर्देश दिया है।;

Report :  Ashvini Mishra
Update:2024-12-05 18:49 IST
Action to be taken against vehicle owners who earn money from private vehicles, find out how they are making illegal earnings

प्राइवेट वाहनों से पैसा कमाने वाले वाहन स्वामियों पर होगी कार्रवाई, जानिए कैसे कर रहे हैं अवैध कमाई: Photo- Newstrack

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Chandauli News: उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद के सरकारी विभागों में प्राइवेट वाहन स्वामियों द्वारा टैक्स की चोरी करते हुए व्यावसायिक उपयोग में लगाकर कमाई कर रहे हैं इस पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी में करें निर्देश देते हुए सभी विभागों से प्राइवेट वालों को हटाने का निर्देश दिया है। जो भी लोग दिन के भी वहां कार्यालय अनुसार संबंध नहीं होंगे उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

आपको बता दें कि चंदौली के सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी डॉ सर्वेश गौतम ने बताया कि जिलाधिकारी निखिल टी फुंडे द्वारा जनपद के समस्त अधिकारियों को आदेश प्रेषित किया गया है कि प्राईवेट वाहनों को विभाग में सम्बद्ध करने एवं वाहनों के मार्ग कर जमा न होने की स्थिति में सम्बन्धित अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।

प्राईवेट वाहनों की समब्द्धता तत्काल समाप्त करने के आदेश 

जिलाधिकारी द्वारा समस्त विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने विभागों/संस्थाओ से सम्बद्ध वाहनों का सर्वे/निरीक्षण कर लें कि उनके विभाग/संस्था में कॉमर्शियल वाहन (जिनके मार्गकर अद्यतन व प्रपत्र वैध हो) वही सम्बद्ध हों। विभिन्न सरकारी संस्थाएं जैसे-बैंकों, अर्धसरकारी संस्थाओं, सड़क निर्माण एजेन्सियों में भी प्राईवेट वाहन सम्बद्ध किये जाते हैं, अतः जिलाधिकारी चन्दौली द्वारा इन संस्थाओं को भी निर्देश दिया गया है कि वे अपनी संस्था में प्राईवेट वाहनों की समब्द्धता तत्काल समाप्त कर दें। विभागों /सस्थानों में निजी वाहनों का प्रयोग से राजस्व की हानि के साथ-साथ राज्य की सकल घरेलू आय (जी०एस०डी०पी०) में भी कमी होती है।

जिलाधिकारी द्वारा समस्त विभागाध्यक्षों को यह भी निर्देश दिये गये हैं कि वे वाहन सम्बद्धता प्रक्रिया में यह सुनिश्चित करें कि कॉमर्शियल वाहन जिनके समस्त प्रपत्र वैध हो, को ही सम्बद्ध किया जाए साथ ही परिवहन विभाग से भी वाहन की सम्बद्धता हेतु एन०ओ०सी० प्राप्त कर लिया जाए। किसी भी स्थिति में निजी वाहनों को विभाग/संस्थान में सम्बद्ध न किया जाए।

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