Etah News: एटा में नवागत डीएम का मेडिकल कॉलेज निरीक्षण, व्यवस्थाएं परखीं

Etah News: डीएम अरविंद सिंह ने औचक निरीक्षण में मरीजों से संवाद कर सेवाओं की गुणवत्ता परखी, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने 5 माह से वेतन न मिलने की शिकायत उठाई।

Update:2026-05-02 16:42 IST

एटा में नवागत डीएम का मेडिकल कॉलेज निरीक्षण, सुधार के निर्देश (Photo- Newstrack)

Etah News: एटा। जिले के नवागत जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन के साथ वीरांगना रानी अवंती बाई स्वशासी मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत को परखा। निरीक्षण का उद्देश्य मरीजों और चिकित्सकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन करना और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का आकलन करना रहा।


जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह निरीक्षण महज औपचारिकता नहीं है, बल्कि मरीजों की वास्तविक समस्याओं को समझने और चिकित्सा कर्मियों की कार्य परिस्थितियों को जानने का एक गंभीर प्रयास है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल सरकारी नौकरी नहीं, बल्कि एक पुण्य का कार्य है। ऐसे में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का मनोबल ऊंचा रहना बेहद आवश्यक है।

मरीजों से संवाद, व्यवस्थाओं का लिया फीडबैक

निरीक्षण के दौरान डीएम और एसएसपी ने मेडिकल कॉलेज के विभिन्न वार्डों का दौरा किया, जिसमें गायनिक वार्ड सहित तीसरी, चौथी और पांचवीं मंजिल शामिल रही। उन्होंने मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे संवाद कर इलाज और सुविधाओं की जानकारी ली। अधिकांश मरीजों ने उपचार को संतोषजनक बताया, हालांकि कुछ स्थानों पर सुधार की आवश्यकता भी सामने आई।

डीएम ने हाल ही में शुरू हुई किचन व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने किचन की साफ-सफाई, उपकरणों की गुणवत्ता और मानकों के अनुपालन की बारीकी से समीक्षा की। साथ ही यह भी जांचा कि किचन संचालन किसी पेशेवर एजेंसी द्वारा किया जा रहा है या नहीं।

वेतन न मिलने की शिकायत से बढ़ी गंभीरता

निरीक्षण के दौरान एक महिला आउटसोर्सिंग कर्मचारी ऊषा राजपूत ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि पिछले पांच महीनों से वेतन नहीं मिला है और बजट का हवाला देकर भुगतान रोका जा रहा है। इससे उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारी ने बताया कि पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने संकेत दिया कि अगली बार विशेष योजना के तहत और व्यापक निरीक्षण किया जाएगा, जिसमें व्यवस्थाओं की गहराई से समीक्षा की जाएगी।


इस मौके पर प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह, सीएमएस डॉ. एस. चंद्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजेंद्र प्रसाद समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। गौरतलब है कि जिलाधिकारी अपने पहले तहसील दिवस में शामिल होने के बाद सीधे मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कर्मचारियों की वेतन समस्या का समाधान कब तक होता है और स्वास्थ्य सेवाओं में कितना सुधार देखने को मिलता है।

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