HC ने निजी कंपनी को जमीन अधिग्रहण पर प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास से मांगा हलफनामा
गुजरात अंबुजा सीमेंट कंपनी के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए भूमि अधिग्रहण की वैधता की चुनौती में दाखिल याचिका पर प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है।;
इलाहाबाद: गुजरात अंबुजा सीमेंट कंपनी के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए भूमि अधिग्रहण की वैधता की चुनौती में दाखिल याचिका पर प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है।
हाईकोर्ट ने पूछा है कि कंपनी की मांग पर भूमि अधिग्रहीत कर यूपीएसआईडीसी ने उसे जमीन कैसे दे दी। याचिका की सुनवाई अगली 29 नवंबर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति अरूण टंडन और न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा की बेंच ने गौतमबुद्ध नगर के किसान महेश और कई अन्य की याचिकाओं पर दिया है।
क्या है मामला ?
-मामले के अनुसार, कंपनी ने जमीन का सर्वे कराया और राज्य सरकार को चिट्ठी लिखकर भूमि की मांग की।
-राज्य सरकार ने कंपनी की चिट्ठी का हवाला देते हुए धारा 17 के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण का आदेश दिया।
-याचीगण का कहना है कि राज्य सरकार प्राइवेट कंपनी के लिए किसानों की भूमि अधिग्रहीत नहीं कर सकती।
-याचिका में अधिग्रहण रद्द कर जमीन वापस करने की मांग की गई है।
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HC ने नोएडा में भूमि से बेदखली की याचिका निस्तारित
इलाहाबाद: गौतमबुद्ध नगर के दादरी तहसील के गांव ममूरा में प्लाट नंबर 117 की चार एकड़ जमीन के एक हिस्से पर सड़क और ग्रीन बेल्ट बनाने के प्रस्ताव के चलते मकानों के ध्वस्तीकरण की आशंका पर दाखिल याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निस्तारित कर दी है। कोर्ट ने यह आदेश नोएडा अथाॅरिटी के अधिवक्ता शिवम यादव के यह कहने पर दिया कि नोएडा का भू-स्वामियों को बेदखल करने का कोई इरादा नहीं है।
कोर्ट ने कहा कि जब नोएडा जबरन कब्जा न लेने का आश्वासन दे रहा है तो याची की बेदखली की आशंका निराधार है लेकिन कोर्ट ने नोएडा को छूट दी है कि यदि भू-स्वामियों ने विवादित प्लाट पर बिना नक्शा पास कराए अवैध निर्माण कराया तो वह नोटिस देकर ध्वस्तीरकण की कार्यवाही कर सकेगा। यह आदेश न्यायमूर्ति तरूण अग्रवाल और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की बेंच ने अनिल चौहान और दो अन्य की याचिका पर दिया है।