Lucknow News: नई शिक्षा नीति को लेकर अखिलेश बोले- यह नीति सिर्फ उद्योगपतियों के हित में बनाई गई, कुलपतियों की नियुक्तियों में पारदर्शिता का अभाव

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरूवार को दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर डीएमके छात्र इकाई द्वारा आयोजित धरने को सम्बोधित किया। धरने का उद्देश्य केन्द्र सरकार की नई शिक्षा नीति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना था।;

Report :  Virat Sharma
Update:2025-02-06 20:02 IST

Lucknow News: Photo-Social Media

Lucknow News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरूवार को दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर डीएमके छात्र इकाई द्वारा आयोजित धरने को सम्बोधित किया। धरने का उद्देश्य केन्द्र सरकार की नई शिक्षा नीति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना था। इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी केन्द्र की बीजेपी सरकार द्वारा लागू की गई नई शिक्षा नीति के खिलाफ है और इसे उद्योगपतियों के लाभ के लिए तैयार किया गया है।

अखिलेश ने नई शिक्षा नीति को उद्योगपतियों का समर्थन करने वाला बताया

छात्रों के धरने को सम्बोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सपा पूरी तरह से डीएमके छात्र इकाई के आंदोलन में साथ खड़ी है। और हमारी पार्टी के सभी सांसद और विधायक इस नई शिक्षा नीति के विरोध में हैं। यह नीति सिर्फ और सिर्फ उद्योगपतियों के हित में बनाई गई है। और इसके जरिए शिक्षा व्यवस्था को उद्योगपतियों के हाथों सौंपने का षड्यंत्र किया जा रहा है। उन्होंने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया कि कुलपतियों की नियुक्तियों में पारदर्शिता का अभाव है और यह प्रक्रिया राजनीतिक लाभ के लिए की जा रही है।

डीएमके के इस अभियान का समर्थन

इस दौरान सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी और उत्तर भारत के छात्र भी डीएमके के इस अभियान का समर्थन करेंगे। उन्होंने तमिलनाडु से आए डीएमके नेताओं और कार्यकर्ताओं को बधाई दी और कहा कि उनका समर्थन पूरी पार्टी और देश के लिए महत्वपूर्ण है। हम इस धरने से जो संदेश जाएगा। वह ना सिर्फ तमिलनाडु, बल्कि पूरे देश में फैल जाएगा। वहीं अखिलेश ने नई शिक्षा नीति को वापस लेने की मांग की और कहा कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर लगातार संघर्ष करती रहेगी।

धरने में मौजूद रहे कई प्रमुख नेता

इस धरने में डीएमके छात्र इकाई के पदाधिकारियों के अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता टीआर बालू, कनिमोझी, ए राजा, टी शिवा, प्रेम चन्द्रन समेत अन्य नेता भी मौजूद रहे। 

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