‘अधूरा रह गया बेटी का सपना...’, शारदा यूनिवर्सिटी में सुसाइड करने वाली छात्रा की मां बेसुध, धरने पर बैठे स्वजन
Sharda University: बेटी की मौत के बाद मां सुनीता के आंसू नहीं थम रहे हैं। वह बार-बार यहीं कहती हुई बेसुध हो जाती हैं कि अगर बेटी ने फोन पर बात कर ली होती तो शायद यह कदम उठाने से उसे रोक लिया जाता।
Sharda University Student Suicide
Sharda University: ग्रेटर नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में बीडीएस छात्रा ज्योति शर्मा की कथित खुदकुशी के बाद से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। छात्रा के रूम से सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार दो टीचरों को बताया है। सुसाइड नोट में छात्रा ने दोनों टीचरों पर अपमानित और प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
वहीं बेटी की मौत के बाद मां सुनीता के आंसू नहीं थम रहे हैं। वह बार-बार यहीं कहती हुई बेसुध हो जाती हैं कि अगर बेटी ने फोन पर बात कर ली होती तो शायद यह कदम उठाने से उसे रोक लिया जाता। उनका कहना है कि मेरी बेटी दिन में कई बार फोन कर मुझसे बात करती थी। लेकिन शुक्रवार सुबह ज्योति से बात हुई, लेकिन उसके बाद शाम तक कोई कॉल नहीं आयी। शाम को कई बार फोन भी किया, लेकिन बेटी ने कॉल रिसीव नहीं किया। ज्योति की मां बार-बार यहीं कर रहीं है कि जिंदगीभर मलाल रहेगा कि बेटी अगर मेरा फोन उठा लेती तो शायद मैं उसे यह कदम उठाने से रोक लेती।
शारदा यूनिवर्सिटी के गेट पर धरना पर स्वजन व छात्र
बीडीएस की पढ़ाई कर रही ज्योति शर्मा की कथित आत्महत्या के बाद कॉलेज के छात्रों और स्वजन बेहद आक्रोशित हैं। छात्रा के परिजनों और कॉलेज के विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी के गेट पर धरना दिया। विश्वविद्यालय के गेट पर धरने पर बैठे पीड़ित परिजनों की आंखों में एक तरफ जहां बेटी को खोने का गम साफ झलक रहा था। वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ बेहद आक्रोश भी है। यूनिवर्सिटी के अन्य छात्र की अपनी सहपाठी की आत्महत्या से बेहद गुस्से में हैं।
मृतका की मां सुनीता का कहना है कि बेटी से बेहद नाजो से पाला था। उसका डॉक्टर बनने का सपना अधूरा ही रह गया। हमने अपने कलेजे पर पत्थर रखकर बेटी को खुद से दूर कर पढ़ने के लिए भेजा था ताकि वह अपने सपने को पूरा कर सके। इससे तो यह ही अच्छा होता कि हम उसे भेजते ही नहीं। हमारी बेटी बच तो जाती। मां सुनीता ने पुलिस अफसरों से रोते हुए न्याय की गुहार लगायी है। साथ ही कहा कि जब तक मेरी बेटी को न्याय नहीं मिलता वह गेट से नहीं हटेगीं।
यहीं नहीं उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आरोपितों के खिलाफ अगर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वह यूनिवर्सिटी के गेट पर ही आत्मदाह कर लेगीं। मृतका के ममेरे भाई देवेंद्र के मुताबिक ज्योति के पिता रामेश जांगड़ विनोद आदित्य बिड़ला कंपनी में रिजनल हैड हैं। वहीं ज्योति का भाई अक्षय उत्तराखंड के गुरूकुल कांगडी से बीटेक कर रहा है। ज्योति डॉक्टर बनना चाहती थी। बेटी के सपने को पूरा करने के लिए परिवार ने उसे ग्रेटर नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी भेजा था। वह पढ़ाई में बेहद होनहार थी। वह कुछ दिनों पहले ही गुरुग्राम से यूनिवर्सिटी लौटी थी।
सपा व कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भी किया समर्थन
शारदा यूनिवर्सिटी में छात्रा की मौत के बाद परिजनों का धरना जारी है। स्वजनों के समर्थन में सपा और कांग्रेस के कई क्षेत्रीय नेताओं भी शारदा यूनिवर्सिटी पहुंचे और विश्वविद्यालय के गेट पर धरना देकर बैठे रहे।