यमुना नदी में बहा दिया नवजात, वृन्दावन पुलिस ने ऐसे बचाया
यमुना नदी में एक तसला परात नवजात शिशु बह रहा था। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने नवजात को बचा लिया है।;
नवजात को अस्पताल में पुलिस ने कराया भर्ती (Photo- Social Media)
मथुरा: 'जाकौ राखे साइयाँ मार सके न कोय...' वाली कहावत आज मथुरा वृन्दावन में उस समय चरितार्थ हुई जब यमुना नदी में तसले में रखकर बह रहे नवजात को बचाया गया। दरअसल, गुरुवार सुबह सवेरे यमुना नदी में चामुण्डा घाट पर एक लोहे के तसला परात नवजात शिशु बह रहा था। वह सफेद रंग के अगोछा से लिपटा हुआ था। यमुना किनारे आसपास खेतों में कार्य कर रहे किसानों ने नवजात बच्चे को बहता देख पुलिस को सूचित किया। मौके पर अद्धा पुलिस चौकी प्रभारी मनोज कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे। तसले में बच्चा जीवित था।
बताया जा रहा है सूचना पर पुलिस ने भी सक्रियता दिखाई और उसे निकाला तो देखा गया कि शिशु जीवित था जो एक तसले में रखा हुआ था तथा सफेद स्वाफी में लिपटा हुआ था। इस नवजात को दारोगा ने सुरक्षित बाहर निकालकर जिला अस्पताल में इलाज हेतु भर्ती कराया गया है। Chield line Mathura की टीम जिला अस्पताल मथुरा में पहुँच गयी है। पुलिस की इस कार्यवाही की आम जन ने सराहना की है।
ट्रांसजेंडर है मासूम
बच्चा सुरक्षित था। नवजात को लेकर लोगोें में तरह-तरह की चर्चाए हो रही हैं। पुलिस ने उसे स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। जहाँ अब वह डॉक्टर्स की देखरेख में है। अस्पताल के बाल रोग चिकित्सक के के माथुर ने बताया किबच्चा पूरी तरह से स्वस्थ्य है और उसका वजन 3 किलो 300 ग्राम का है। नवजात न लड़का है न लड़की वह वह ट्रांस जेंडर है। जिलाधिकारी से पत्र प्राप्त होने के बाद इसे शिशु सदन भेज दिया जाएगा।
शिशु को सुरक्षित निकालकर स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलने पर चाइल्ड लाइन मथुरा की टीम जिला अस्पताल पहुंची और विधिक कार्रवाई शुरु कर दी है। पुलिस और चाइल्ड लाइन की टीम मिलकर बच्चे की जांच पड़ताल में जुटी है।