Shamli News: भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत बोले, तीन कृषि बिल वापसी का हमें चाहिए सर्टिफिकेट

Shamli: शामली के आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के गांव गोहरपुर में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत भाईचारा मिलन समारोह में पहुंचे थे। टिकैत ने कहा कि तीन कृषि कानून वापस होंने की लिखित में सर्टिफिकेट चाहिए, ताकि हम किसी को यह तो बता सकें कि इस आंदोलन में हमारी क्या जीत हुई है।

Report :  Pankaj Prajapati
Report :  Pankaj Prajapati
Published By :  Deepak Kumar
Update: 2021-11-22 05:04 GMT

मिलन समारोह में मौजूद भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत। 

Shamli news: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)द्वारा तीन कृषि कानूनों की वापसी (withdrawal of three agricultural laws) के बाद भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत (Bharatiya Kisan National President Union Naresh Tikait) मिलन समारोह (Milan Program) में पहुंचे, जहां पर उन्होंने एकता की मिसाल पेश की नरेश टिकैत (Bharatiya Kisan National President Union Naresh Tikait) ने कहा की 1 साल से आंदोलन चल रहा है तो केवल बोलने से तीन कृषि कानून बिल वापस (withdrawal of three agricultural laws) नहीं होंगे खत्म नहीं होगा। हमें लिखित में सर्टिफिकेट भी चाहिए कम से कम हम किसी को यह तो बता सकें कि इस आंदोलन में हमारी क्या जीत हुई है।

मामला आदर्श मंडी थाना क्षेत्र (Adarsh Mandi police station area) के गांव गोहरपुर (Village Goharpur) का है जहां पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत (Bharatiya Kisan National President Union Naresh Tikait) भाईचारा मिलन समारोह (Milan Program) में पहुंचे थे। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत (Bharatiya Kisan National President Union Naresh Tikait) का कहना है कि यह तो समाज को जोड़ने का काम है, जो समाज में कुरीति है, झगड़े हैं, तो इन पर सब पर अंकुश लगे, लड़ाई झगड़े ना हों, अपने बड़ों का सम्मान किया जाए, समाज को एक अच्छी दिशा दी जाए, जितने भी जिम्मेदार हैं जो खाप चौधरी हैं, सर्व समाज की पंचायत होती रहे।

आंदोलन (kisam Andolan) के सवाल पर पूछने पर नरेश टिकैत ने कहा जो सालों से आंदोलन चल रहा है वह 1 घंटे में या 1 दिन में खत्म नहीं होता। प्रधानमंत्री (PM Narendra Modi) ने कह तो दिया लेकिन लिखित में भी चाहिए और किसी को दिखाने के लिए कम से कम कोई चीज अगर हुई है तो वे लिखित में चाहिए। अगर किसी को दिखाएंगे कि हां हमारे आंदोलन से यह चीज हुई है। प्रधानमंत्री (PM Narendra Modi) का सम्मान करते हैं। उन्होंने इस तरीके की पहल की है किसान क्या राजनीति करेंगे। लिखित में कुछ ना कुछ तो होगा कोई अगर यहां कहकर चले जाए किसी दिन किसी कानून बिल वापस (withdrawal of three agricultural laws) हो गए लेकिन कम से कम लिखित में तो होना चाहिए।

2014 में साढ़े ₹400 कुंटल का रेट था करने का, अब साढ़े ₹300 कुंतल का भाव। इनकी बातों पर यकीन किया जाए तो सौ रुपये कुंटल का फर्क आ गया है। इंसान ऐसे विश्वास नहीं करते, राष्ट्रीय संपत्ति का नुकसान नहीं करते। वह भी अपनी संपत्ति है हमें किसी से गिला शिकवा नहीं है। जिस चीज के लिए हम आंदोलन कर रहे हैं वह हो गया है। हम उससे संतुष्ट हैं।

वैसे संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukt Kisan Morcha) को राइट है। हमारे अकेले की कुछ नहीं है। संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukt Kisan Morcha) के आह्वान पर ही आंदोलन (Kisan Andolan) किया था और उन्हीं को राइट है कि आगे क्या करना है और क्या नहीं करना है और रही किसान मोर्चा की मीटिंग की (Sanyukt Kisan Morcha Meeting) और मीटिंग है, अब क्या निर्णय लिया जाएगा, यह देखना होगा।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत (Bharatiya Kisan National President Union Naresh Tikait) का कहना है कि शामली जनपद के मुंडेट गांव में 14 तारीख का शादी थी, तीनो भाई जेल में कर दिया गए। उनकी लड़की की शादी थी, सब उल्टा सीधा काम हो रहा है। अब रामराज बना देंगे, हम भी रामचंद्र जी के वंशज हैं, रघुवंशी है, हम भी और सरकार बन जाएगी और हम भी पैर फैला के सोएंगे और उन्होंने हमसे भी वोट ले ली और अब हमें तो जान बचाने की मुश्किल हो रही है। जो कानून बनाए जाते हैं कम से कम इनसे झूठे मुकदमे में हम लोगों को फंसाया ना जाए।

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