Hapur News: पोस्टर विवाद ने पकड़ा तूल, पिलखुवा कोतवाली में हंगामा, माफी के बाद शांत हुआ मामला
Hapur News: पिलखुवा में अंबेडकर जयंती कार्यक्रम के पोस्टर लगाने को लेकर विवाद बढ़ गया। सैकड़ों लोग कोतवाली पहुंचे, हंगामा हुआ। पुलिसकर्मियों पर अभद्रता और मारपीट के आरोप लगे।
Hapur News: पिलखुवा क्षेत्र में अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के पोस्टर लगाने को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद गुरुवार शाम बड़ा रूप ले बैठा। देखते ही देखते यह मामला इतना बढ़ गया कि सैकड़ों की संख्या में लोग कोतवाली पहुंच गए और वहां हंगामा शुरू हो गया। कुछ देर के लिए माहौल बेहद तनावपूर्ण बन गया और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़े।
प्रतियोगिता के प्रचार के लिए लगाए जा रहे थे पोस्टर
मोहल्ला शुक्लान क्षेत्र में आर्य नगर के कुछ युवक अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता के परिणाम और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम की जानकारी देने के लिए दीवारों पर पोस्टर लगा रहे थे। युवाओं का कहना है कि यह कार्यक्रम सामाजिक जागरूकता और प्रतिभाओं को सम्मानित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, जिसके प्रचार-प्रसार के लिए पोस्टर लगाए जा रहे थे।
पुलिस के रोकने पर बढ़ी कहासुनी, विवाद में बदली स्थिति
इसी दौरान बाइक से पहुंचे कुछ पुलिसकर्मियों ने युवाओं को पोस्टर लगाने से रोक दिया। पुलिस का कहना था कि बिना अनुमति सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाना नियमों के खिलाफ है। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही विवाद में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों ओर से तीखी नोकझोंक होने लगी।
युवाओं ने लगाया अभद्रता और मारपीट का आरोप
युवाओं का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें न केवल अपमानजनक भाषा में डांटा, बल्कि धक्का-मुक्की और मारपीट भी की। इस घटना से नाराज युवाओं ने अपने परिचितों और स्थानीय लोगों को सूचना दी, जिसके बाद मामला तेजी से फैल गया और लोगों में आक्रोश पनपने लगा।
कोतवाली में उमड़ी भीड़, नारेबाजी से गरमाया माहौल
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग पिलखुवा कोतवाली पहुंच गए। वहां लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। करीब एक से डेढ़ घंटे तक कोतवाली परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पुलिस अधिकारियों को लोगों को शांत कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ समझौता
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों की बात सुनी और स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। बातचीत के दौरान संबंधित पुलिसकर्मियों द्वारा अपनी गलती स्वीकार करने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के बाद लोगों का गुस्सा धीरे-धीरे शांत हुआ। इसके बाद भीड़ छंटनी शुरू हुई और मामला नियंत्रण में आ गया।
सीओ पिलखुवा का बयान
सीओ पिलखुवा अनीता चौहान ने कहा कि पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया गया है और निष्पक्ष जांच कराई जा रही है।उन्होंने बताया, “प्रारंभिक जांच में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी की बात सामने आई है। किसी भी प्रकार की अभद्रता या अनुचित व्यवहार की पुष्टि होने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।”
स्थानीय लोगों में पुलिस के व्यवहार को लेकर नाराजगी
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में पुलिस के व्यवहार को लेकर नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पुलिस और जनता के बीच विश्वास को कमजोर करती हैं। उन्होंने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।