Raebareli News: बैंड बाजा के साथ दुल्हन को बैलगाड़ियों के काफिले के साथ से लेने पहुंची बारात, देखिए वीडियो

Raebareli News: सजी बैल के खन खन करते घुंघरू आकर्षण का केंद्र बने हुए थे। लोग सड़क के किनारे तो कुछ लोग छतों पर खड़े होकर बैलगाड़ी पर जा रहे दूल्हे राजा व बारातियों को लगातार निहारते रहे थे ।

Report :  Narendra Singh
Update:2023-02-12 10:58 IST

groom reached on bullock cart  (photo: social media )

Raebareli News: जहां आज से 40 साल पहले लोगों के पास संसाधन नहीं रहते थे वही लोग बैल गाड़ियों से शादी बरात ले जाया करते थे। आधुनिकता के इस दौर में बैलगाड़ी से निकली बारात लोगों का बनी आकर्षण का केंद्र। जब दूल्हा बैलगाड़ी से बारात लेकर पहुंचा दुल्हन के घर‌ तो लोग आश्चर्य में पड़ गए।

दरअसल, जगतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत शंकरपुर गांव निवासी हीरालाल की पुत्री रेनू की बारात बैलगाड़ी और घोड़ों से जब कस्बे से होकर जा रही थी तो लोगों की भीड़ अपने दरवाजे व छतों पर उत्साह पूर्वक खड़े होकर देखती नजर आई। सजी बैल के खन खन करते घुंघरू आकर्षण का केंद्र बने हुए थे। लोग सड़क के किनारे तो कुछ लोग छतों पर खड़े होकर बैलगाड़ी पर जा रहे दूल्हे राजा व बारातियों को लगातार निहारते रहे। आगे-आगे घोड़े और पीछे बैल गाड़ियों का काफिला जा रहा था। इस प्राचीन परंपरा को देख कर के लोग बहुत खुश नजर आ रहे थे। महंगी मोटर गाड़ियों और हेलीकॉप्टर के इस युग में बैल गाड़ियों से बारात ले जाना एक परंपरा का पुनर्जीवन होता दिखाई दे रहा था।

आजकल शादियों में बीएमडब्ल्यू और लैंड रोवर,जगुआर के जमाने जहां आज प्राचीन परंपराएं लुप्त होती नजर आ रही हैं, वहीं आधुनिकता के दौर में दूल्हे राहुल ने बातचीत में कहा वह शादी के लिए बहुत कुछ अलग करना चाह रहे थे। उन्होंने सोचा कि पहले लोग बैलगाड़ी व टैक्टर से बारात जाया करते थे लेकिन समय के साथ बैलगाड़ी का स्थान महंगी मोटर गाड़ियों ने ले लिया। साथ ही व डोली का स्थान लंबी लंबी गाड़ियों ने ले लिया, तो मैंने सोचा कि क्यों ना बारात बैलगाड़ी से ले जाए जाए।

बैल गाड़ियों का इंतजाम करना कठिन काम

दूल्हे के पिता रतिपाल यादव ने बताया कि बैल गाड़ियों का इंतजाम करना कठिन काम था। बैल और बैल गाड़ी विलुप्त होती जा रही है। लेकिन काफी मेहनत के बाद एक दर्जन बेलगाड़ी का इंतजाम कर पाया था। शंकरपुर गांव निवासी हीरालाल की पुत्री की बेटी रेनू का खुशी का ठिकाना नहीं रहा, उसने कहा की शादी राहुल से हुई है और राहुल ने बैलगाड़ी से बारात ला करके मेरी जिंदगी का एक यादगार लम्हा बना दिया है पिता हीरालाल ने कहा यह शादी बहुत लंबे समय तक लोगों को यादगार बन के रह जायेगी जब विदाई होकर दूल्हा और दुल्हन बहुत ही खुस नजर आए।

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