Sonbhadra News: सोनभद्र: तस्करी कर ले जाए जा रहे छह नाबालिग मुक्त, दो तस्कर गिरफ्तार
Sonbhadra News: मुक्त कराए गए किशोरों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सामने प्रस्तुत करने के बाद, उनके परिवारीजनों को सुपुर्द कर दिया गया।
तस्करी कर ले जाए जा रहे छह नाबालिग मुक्त, दो तस्कर गिरफ्तार (Photo- Newstrack)
Sonbhadra News: सोनभद्र। आरपीएफ (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स) और चोपन पुलिस की संयुक्त टीम ने मानव तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल करते हुए, ट्रेन के जरिए ले जाए जा रहे छह नाबालिगों को मुक्त कराने में कामयाबी पाई है। मौके से दो तस्कर भी दबोचे गए हैं, जो सगे भाई बताए जा रहे हैं। मुक्त कराए गए किशोरों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सामने प्रस्तुत करने के बाद, उनके परिवारीजनों को सुपुर्द कर दिया गया। वहीं, गिरफ्तार किए गए दोनों तस्करों का पूछताछ के बाद धारा 143(2) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) और 79 किशोर न्याय (बालकों की देखभाल एवं संरक्षण अधिनियम, 2015) के तहत चालान कर दिया गया।
आरपीएफ की पैनी नजर, तब सामने आया मामला:
बताया जा रहा है कि मंगलवार को चोपन रेलवे स्टेशन पर मौजूद रेलवे पुलिस फोर्स की नजर दो व्यक्तियों पर पड़ी, जो छह नाबालिगों को साथ लेकर ट्रेन पकड़ने के लिए पहुंचे हुए थे। उनकी गतिविधियां संदिग्ध समझ आने पर, किशोरों से जानकारी ली गई तो पता चला कि वे उन्हें मजदूरी के बहाने दूसरे राज्य में ले जा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, तत्काल बच्चों को संरक्षण में लेने के साथ ही, उनको ले जा रहे दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद मामले की जानकारी चोपन पुलिस को दी गई। एसआई प्रशांत कुमार ने नाबालिगों को लेकर जा रहे दोनों व्यक्तियों से कड़ाई से पूछताछ की तो पता चला कि यह मामला तस्करी का है। इसके बाद आरोपी विक्रम नायक और चुलबुल नायक पुत्र मुन्ना निवासी गुरमुरा, थाना चोपन को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का दावा: प्रलोभन देकर ले जाए जा रहे थे नाबालिग:
पुलिस के मुताबिक, उनके कब्जे से छह नाबालिग बरामद किए गए, जिन्हें बहला-फुसलाकर और प्रलोभन देकर जबरन बाल श्रम के लिए ले जाया जा रहा था। आरोपियों ने भी पूछताछ में स्वीकार किया है कि वे नाबालिगों को श्रमिक के रूप में कार्य करने के लिए बाहर ले जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, यह कृत्य बाल अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। प्रकरण को लेकर विधिक कार्रवाई करते हुए चोपन पुलिस की टीम ने बच्चों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया। वहां से उन्हें उनके परिवारीजनों को सुपुर्द कर दिया गया। मामले में चोपन थाने पर दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने की कार्रवाई की गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कहीं भी बाल तस्करी या बाल मजदूरी की सूचना मिले, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम-पता गोपनीय रखते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।