Sonbhadra News: जन शिकायतों में लापरवाही पर डीएम का एक्शन, जल निगम कर्मियों का वेतन रोका
Sonbhadra News : आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम सख्त, जल निगम कर्मियों का वेतन रोका, तहसीलदार को नोटिस।
Sonbhadra News: जन शिकायतों के निस्तारण में बढ़ती लापरवाही पर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा के दौरान शिकायतों के निस्तारण में गंभीर खामियां सामने आने पर जिलाधिकारी ने उ.प्र. जल निगम (ग्रामीण) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के जून माह के वेतन पर रोक लगाने के निर्देश दिए, वहीं तहसील दूधी में लापरवाही पाए जाने पर तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए।
खानापूर्ति वाले निस्तारण पर फूटा डीएम का गुस्सा
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार स्थित जनसुनवाई कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की विभागवार समीक्षा की। समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई मामलों में शिकायतकर्ता की संतुष्टि प्राप्त किए बिना ही आख्या अपलोड कर शिकायतों का निस्तारण दिखा दिया गया। इसके परिणामस्वरूप पोर्टल पर असंतुष्ट फीडबैक की संख्या लगातार बढ़ रही है।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन एवं मंडल स्तर से लगातार निर्देश दिए जाने के बावजूद कई विभाग शिकायतों के निस्तारण को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतकर्ता से सीधे संवाद स्थापित कर उसकी संतुष्टि सुनिश्चित करने की व्यवस्था उपलब्ध है, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा है।
जल निगम पर चला प्रशासनिक चाबुक
समीक्षा के दौरान जल निगम (ग्रामीण) की कार्यप्रणाली पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। शिकायतों के निस्तारण में लगातार खराब प्रदर्शन और बढ़ते असंतुष्ट फीडबैक को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता सहित पूरे स्टाफ के जून-2026 माह के वेतन आहरण पर अगले आदेश तक रोक लगाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं लाता और असंतुष्ट फीडबैक में कमी नहीं आती तो जिम्मेदारी तय कर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर निलंबन जैसी कार्रवाई की संस्तुति भी की जा सकती है।
दूधी तहसील भी जांच के घेरे में
बैठक में तहसील दूधी से संबंधित शिकायतों की समीक्षा के दौरान भी कई कमियां सामने आईं। शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित गंभीरता नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार दूधी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
स्पष्ट संदेश— शिकायतों में लापरवाही अब पड़ेगी महंगी
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता या औपचारिकता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता की समस्याओं का समयबद्ध और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना हर अधिकारी की जिम्मेदारी है, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।