Sonbhadra: वंदन योजना से बदलेगी धार्मिक स्थलों की तस्वीर, डीएम ने मांगे आकर्षक और दूरदर्शी प्रस्ताव
Sonbhadra News : वंदन योजना के तहत धार्मिक स्थलों का होगा सौंदर्यीकरण, डीएम ने तीन दिन में आकर्षक और प्रभावी प्रस्ताव मांगे।
Sonbhadra News : वं जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पौराणिक स्थलों को नई पहचान देने की कवायद तेज हो गई है। ‘वंदन’ योजना के तहत प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने स्पष्ट किया कि केवल निर्माण कार्य ही नहीं, बल्कि धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार भी प्राथमिकता में होना चाहिए।
सोमवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में नगर पंचायत घोरावल, दुद्धी, पिपरी, रेनुकूट एवं चुर्क-घुर्मा द्वारा विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास से जुड़े प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। बैठक में यात्री शेड, सामुदायिक हाल, संपर्क मार्ग और अन्य बुनियादी सुविधाओं के निर्माण पर विस्तार से चर्चा हुई।
तीन दिन में तैयार हों नए और प्रभावशाली प्रस्ताव
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रस्तावों को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखा जाए। उन्होंने वास्तुविदों की मदद से ऐसे प्रस्ताव तैयार करने को कहा जो धार्मिक स्थलों की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और अधिक आकर्षक बना सकें। डीएम ने तीन दिनों के भीतर संशोधित एवं प्रभावी प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों में सौंदर्यीकरण को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
सीएसआर और विधायक निधि से भी जुटाई जाएगी धनराशि
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजनाओं के लिए केवल सरकारी बजट पर निर्भर रहने के बजाय कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर), विधायक निधि तथा अन्य उपलब्ध वित्तीय स्रोतों से भी संसाधन जुटाने के प्रयास किए जाएं। उनका कहना था कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन से विकास कार्यों को अधिक व्यापक स्वरूप दिया जा सकता है।
सोनभद्र को मिलेगा आधुनिक ऑडिटोरियम और स्मार्ट रोड का तोहफा
बैठक में नगर विकास से जुड़े बड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी को नगर पालिका परिषद सोनभद्र क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से युक्त ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। साथ ही शहर में स्मार्ट रोड विकसित करने के लिए उपयुक्त सड़क के चयन की प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू करने को कहा।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनेगी विकास की रूपरेखा
डीएम चर्चित गौड़ ने कहा कि विकास योजनाएं केवल वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित नहीं होनी चाहिएं, बल्कि आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जानी चाहिएं। उन्होंने अधिकारियों से ऐसी कार्ययोजना तैयार करने को कहा जिससे नगर क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार हो, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले और नागरिकों को बेहतर आधारभूत ढांचा उपलब्ध हो सके।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.), विभिन्न नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, जल निगम (ग्रामीण), पर्यटन विभाग तथा सूचना विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। विकास और विरासत संरक्षण के इस समन्वित प्रयास को जिले के धार्मिक एवं शहरी स्वरूप में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम माना जा रहा है।