Unnao News: उन्नाव में बीएसए दफ्तर के बाहर सेवानिवृत्त शिक्षकों का धरना जारी
Unnao News: सेवानिवृत्त शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नोशनल वेतनवृद्धि जोड़ने की मांग को लेकर बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) कार्यालय के बाहर धरना जारी है।;
retired teachers Protest continues outside BSA office (Photo: Social Media)
Unnao News: सेवानिवृत्त शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नोशनल वेतनवृद्धि जोड़ने की मांग को लेकर बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) कार्यालय के बाहर धरना जारी है। शिक्षक संगठन और कर्मचारी संघ लगातार प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि सेवानिवृत्ति की तिथि के अगले दिन मिलने वाली वेतनवृद्धि को पेंशन गणना में शामिल किया जाए।
वेतनवृद्धि को पेंशन में जोड़ने की मांग
धरना दे रहे सेवानिवृत्त शिक्षक ने बताया कि 1 जुलाई और 1 जनवरी को मिलने वाली वेतनवृद्धि को पेंशन में जोड़ने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि कोई कर्मचारी 30 जून या 31 दिसंबर को सेवा निवृत्त होता है, तो उसे अगले दिन वेतनवृद्धि का लाभ नहीं मिल पाता, जिससे उनकी पेंशन प्रभावित होती है। इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश शासन के कई आदेश पहले ही जारी हो चुके हैं, लेकिन उनका क्रियान्वयन अभी तक नहीं हुआ है।
शिक्षा विभाग ने पहले 102 आवेदनों की सूची प्रशासन को भेजी थी
धरना दे रहे शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा विभाग ने पहले 102 आवेदनों की सूची प्रशासन को भेजी थी, लेकिन आवश्यक दस्तावेजों की कमी के कारण प्रक्रिया अटक गई। अब 182 नए आवेदन और 20 सेवापुस्तिकाएँ संलग्न कर पुनः प्रस्ताव भेजा गया है। धरने पर बैठे शिक्षकों का कहना है कि वेतनवृद्धि का लाभ सभी सरकारी कर्मचारियों को मिलना चाहिए, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के कारण सेवानिवृत्त शिक्षक इससे वंचित हो रहे हैं।
क्या कहा अधितारियों ने
धरने में शामिल सेवानिवृत्त शिक्षक ने कहा, "हमने अपनी पूरी जिंदगी शिक्षा को समर्पित कर दी, लेकिन अब सरकार हमारी न्यायोचित मांगों को अनसुना कर रही है। पेंशन गणना में वेतनवृद्धि जोड़ने से हमारा आर्थिक हित प्रभावित होगा। प्रशासन को जल्द से जल्द इस पर निर्णय लेना चाहिए। प्रशासन ने शिक्षकों के ज्ञापन को स्वीकार कर उच्च अधिकारियों को भेजने का आश्वासन दिया है। बीएसए कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि शासन स्तर पर निर्णय लिया जा रहा है। जैसे ही आदेश प्राप्त होगा, आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। धरना दे रहे शिक्षकों का कहना है कि अगर जल्द ही कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। शिक्षकों ने शासन से अपील की है कि जल्द से जल्द प्रशासनिक आदेश जारी कर पेंशन गणना में नोशनल वेतनवृद्धि को जोड़ा जाए।