कल है कार्तिक पूर्णिमा, भूलकर भी ना करें ये सारे काम, उठाएंगे भारी नुकसान

हिंदू धर्म में कार्तिक माह का बड़ा महत्व है। पूरे मास स्नान करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। भगवान विष्णु को ये मास बहुत प्रिय है। इस मास के आखिरी दिन कार्तिक पूर्णिमा का महत्व सारी तिथियों में अधिक है। 12 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा  है।इस दिन गंगा स्नान और दीपदान करना चाहिए।

जयपुर:हिंदू धर्म में कार्तिक माह का बड़ा महत्व है। पूरे मास स्नान करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। भगवान विष्णु को ये मास बहुत प्रिय है। इस मास के आखिरी दिन कार्तिक पूर्णिमा का महत्व सारी तिथियों में अधिक है। 12 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा  है।इस दिन गंगा स्नान और दीपदान करना चाहिए। । जानते हैं इस दिन कौन से काम करने से पूण्य मिलता है…

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 क्या करें…

*कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान अवश्य करना चाहिए।  लेकिन अगर गंगा स्नान नहीं कर  पा रहे तो  घर में ही थोड़ा सा गंगाजल नहाने के पानी में मिला कर स्नान करें।

*कार्तिक पूर्णिमा के दिन गाय का दान, दूध का दान, केले का दान, खजूर का दान, अमरूद का दान, चावल का दान, तिल और आवंले का दान अवश्य करना चाहिए।

*इस दिन ब्राह्मण को अपनी श्रद्धा के अनुसार वस्त्र और दक्षिणा अवश्य दें।

*कार्तिक पूर्णिमा के दिन शाम के समय जल में कच्चा दूध मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य देना चाहिए।

*इस दिन जल में दूध, शहद मिलाकर पीपल के वृक्ष पर अवश्य चढ़ाना चाहिए और दीपक भी जलाना चाहिए। क्योंकि पीपल के पेड़ पर मां लक्ष्मी का वास मानते है।

* इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इसलिए इस दिन सत्यनारायण भगवान की कथा अवश्य सुने और घर के मुख्य द्वार पर आम का तोरण अवश्य बांधे और द्वार पर रंगोली भी अवश्य बनाएं।

*इस दिन घर पर कोई भिखारी आए तो उसे भोजन अवश्य कराएं। इस दिन तुलसी पूजन अवश्य करें और तुलसी के पौधे के नीचे दीपक अवश्य जलाएं।

 

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क्या न करें

वैसे धर्मशास्त्रों में पुण्य प्राप्ति के लिए बहुत से मार्ग बताए गए है लेकिन कुछ ऐसे काम है जिन्हें कार्तिक पूर्णिमा को नहीं करना चाहिए।जानते हैं क्या ….

*कार्तिक पूर्णिमा के दिन तामसिक भोजन न करें। इस दिन शारीरीक संबंध न बनाएं। *यदि आप ऐसा करेंगे तो आपको चंद्रमा के दुष्प्रभाव पड़ेगा। कार्तिक पूर्णिमा पर घर में किसी भी प्रकार का झगड़ा नहीं करना चाहिए।

*कार्तिक पूर्णिमा के दिन मांस-मदिरा का सेवन बिल्कुल भी न करें।

*इस दिन गरीब और असहाय लोगों का अपमान नहीं करना चाहिए।

*इस दिन किसी जानवर को न मारें। क्योंकि ऐसा करने से इस दिन पाप के भागीदार बनते हैं।

*इस दिन किसी भी बुजु्र्ग का अपमान बिल्कुल भी न करें। क्योंकि इस दिन देवता किसी भी रूप में आपके पास आ सकते हैं।

 

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*कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी के पौधे को न तो उखाडे़ं और न हीं तुलसी के पत्तों को तोड़ें।

*इस दिन उड़द, मसूर, करेला, बैंगन और हरी सब्जियां का सेवन नहीं करना चाहिए।