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लाश पहुंची बैंक पैसे निकालने, बिहार में मच गया हल्ला, जानिए पूरा मामला

सिगरियावां गांव के रहने वाले 55 वर्षीय महेश यादव की पांच जनवरी को मौत हो गई, लेकिन बुजुर्ग का अंतिम संस्कार करने के लिए किसी के पास पैसे नहीं थे। ऐसे में गांव वाले बैंक पहुंच गए, ताकि महेश के खाते में जमा पैसे निकाले जा सके।

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ShreyaBy Shreya

Published on 7 Jan 2021 11:19 AM GMT

लाश पहुंची बैंक पैसे निकालने, बिहार में मच गया हल्ला, जानिए पूरा मामला
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बजट भाषण में की गई घोषणा से अब किसी बैंक के संकटग्रस्त होने पर जमाकर्ताओं को तत्काल अधिकतम पांच लाख रुपए मिल सकेंगे।
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पटना: खबर बिहार की राजधानी पटना से है, जहां पर एक बैंक में मुर्दा पैसे निकालने चला गया। जी हां, यहां पर एक बैंक में एक लाश पैसे निकालने पहुंच गई थी, जिसे देख अधिकारी दंग रह गए। ये वाक्या सुन हर कोई हैरान है। बताया जा रहा है कि सिगरियावां गांव के पास स्थित केनरा बैंक में एक शख्स के अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए गांववाले उसकी अर्थी लेकर ही बैंक पहुंच गए।

इसलिए लाश लेकर पहुंच गए गांव वाले

ये पूरी घटना पटना के शाहजहांपुर थाना इलाके की है। बताया जा रहा है कि सिगरियावां गांव के रहने वाले 55 वर्षीय महेश यादव की पांच जनवरी को मौत हो गई, लेकिन बुजुर्ग का अंतिम संस्कार करने के लिए किसी के पास पैसे नहीं थे। ऐसे में गांव वाले बैंक पहुंच गए, ताकि महेश के खाते में जमा पैसे निकाले जा सके। यहां ग्रामीण आकर पैसा देने की मांग करने लगे। लेकिन बैंक के अधिकारियों ने ऐसा करने से साफ मना कर दिया।

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मैनेजर को देने पड़े पैसे

दरअसल, बैंक के नियम कानून की वजह से अधिकारियों ने पैसे देने से मना कर दिया। ऐसे में कोई चारा ना बचने की वजह से गांववाले महेश यादव की अर्थी को लेकर ही बैंक पहुंच गए। जैसे ही ग्रामीण महेश की लाश लेकर बैंक पहुंचे तो पूरे Bank में हड़कंप मच गया। महेश की लाश करीब तीन घंटे तक बैंक में ही पड़ा रहा। जिसके बाद मामले को काबू करने के लिए मैनेजर ने अपनी तरफ से दस हजार रुपये दिए और लोगों को अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया।

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इस वजह से नहीं दिए जा रहे थे पैसे

मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक महेश यादव कुंवारा था। जिस वजह से यह नहीं पता चल बताया कि बैंक में उसका कोई नॉमिनी नहीं है। बताया जा रहा है कि उसके अकाउंट में एक लाख रुपये से ज्यादा पैसे जमा हैं। बैंक अधिकारियों का मामले में कहना है कि दो बार नोटिस देने के बाद भी महेश ने अपना केवाईसी अपडेट नहीं कराया था। इसी वजह से मैनेजर ने पैसे देने से मना कर दिया था। ॉ

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