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ऑक्सीजन सिलेंडर ने ली जानः रास्ते में हो गया खत्म, मरीज ने तोड़ा दम

राज्य में तेजी से कोरोना के नए मरीज सामने आ रहे हैं। हालांकि सूबे में खराब स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की वजह से मरीजों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।

Shreya

ShreyaBy Shreya

Published on 9 Aug 2020 5:40 AM GMT

ऑक्सीजन सिलेंडर ने ली जानः रास्ते में हो गया खत्म, मरीज ने तोड़ा दम
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एम्बुलेंस की फाइल फोटो
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मधेपुरा: पूरा देश इस वक्त कोरोना संकट का सामना कर रहा है। कोरोना से देश की हालत पस्त होती दिखाई दे रही है। वहीं बिहार में भी कोरोना का तांडव जारी है। राज्य में तेजी से कोरोना के नए मरीज सामने आ रहे हैं। हालांकि सूबे में खराब स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की वजह से मरीजों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है बिहार के मधेपुरा जिले से। जहां पर रास्ते में ही एम्बुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने की वजह से मरीज की मौत हो गई।

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खराब हुआ वेंटिलेटर का प्लग

बीते दो अगस्त को अररिया जिले के नरपतगंज निवासी बलदेव लाल देव को कोरोना संक्रमित पाए जाने पर जेकेटीएमसीएच मधेपुरा में भर्ती कराया गया था। मरीज को वेंटिलेटर की आवश्यकता थी। परिजनों के मुताबिक, मरीज को वेंटिलेटर पर रखने के बाद 15 मिनट बाद ही वेंटिलेंटर का प्लग खराब हो गया। हालांकि बिना वेंटिलेटर के ही मरीज ने केवल ऑक्सीजन पर ही कोरोना से जंग जीत ली। लेकिन ज्यादा उम्र होने की वजह से उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।

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रास्ते में ही खत्म हो गया एम्बुलेंस में ऑक्सीजन

वहीं डॉक्टर्स ने मरीज को कोरोना निगेटिव पाए जाने पर पटना रेफर कर दिया। मरीज का पोता मेडिकल कॉलेज की ओर से उपलब्ध कराए गए लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस से अपने दादा को लेकर पटना के लिए निकल गया। लेकिन मधेपुरा से लगभग 22 किलोमीटर दूर त्रिवेणीगंज के आसपास एम्बुलेंस में ऑक्सीजन खत्म हो गयी। जिसके बाद त्रिवेणीगंज अस्पताल पहुंचने से पहले ही मरीज की मौत हो गई। इस घटना के बाद एम्बुलेंस का चालक भी फरार हो गया, जिसके चलते मरीज का शव चार घंटे तक एंबुलेंस में ही पड़ा रहा।

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मरीजों के इलाज में लापरवाही का आरोप

इस दौरान मृतक के पोता ने कई वरीय अधिकारी को फोन भी किया, लेकिन घंटों तक कोई मदद नहीं मिली। मृतक के पाते आयुष कुमार ने अपने दादा की मौत के बाद मेडिकल कॉलेज में कोरोना मरीजों के इलाज में लापरवाही का भी आरोप लगाया है। बलदेव लाल की मौत ने सूबे में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल कर रख दी है।

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