करदाताओं के लिए बड़ी खबर: 1 जून से बदल जाएगा इनकम टैक्स से जुड़ा ये नियम

अब नए महीने की शुरूआत यानि 1 जून से आपके इनकम टैक्स से जुड़ा फॉर्म बदलने वाला है। दरअसल, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (Central Board of Direct Taxes) यानि CBDT ने फॉर्म 26AS में संशोधन किया है।

नई दिल्ली: अब नए महीने की शुरूआत यानि 1 जून से आपके इनकम टैक्स से जुड़ा फॉर्म बदलने वाला है। दरअसल, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (Central Board of Direct Taxes) यानि CBDT ने फॉर्म 26AS में संशोधन किया है। CBDT ने फॉर्म नए संसोधन के साथ अधिसूचित कर दिया है। यह सालाना टैक्स स्टेटमेंट होता है। करदाता (Taxpayers) इसे अपने पैन कार्ड नंबर की सहायता से इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) की वेबसाइट से निकाल सकते हैं।

यह भी पढ़ें: शर्मनाक: महिला के साथ अपार्टमेंट-हास्पिटल में ऐसी हरकत, पेट में ही बच्चे ने तोड़ा दम

1 जून, 2020 से लागू होने वाला संशोधित फॉर्म

अगर आपने अपनी कमाई पर टैक्स भरा है या फिर आपकी हुई कमाई पर किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा टैक्स काटा गया है तो उन सभी का जिक्र इस फॉर्म (फॉर्म 26AS ) में मिल जाता है। बता दें कि ये नया फॉर्म 1 जून, 2020 से लागू होने वाला है। तो चलिए आपको बताते हैं इस फॉर्म के बारे में-

क्या होता है फॉर्म 26AS?

फॉर्म 26AS में आपके द्वारा सरकार को चुकाए गए टैक्स का जिक्र तो होता ही है। इसके साथ ही अगर आपने अधिक टैक्स भरा है और आप उसका रिफंड फाइल करना चाहते हैं तो उस बारे में भी इस फ़ॉर्म में विवरण होता है। इसके अलावा फॉर्म 26AS में अगर करदाता को किसी वित्त वर्ष में आयकर रिफंड मिला है तो उसका भी जिक्र इसमें होता है।

यह भी पढ़ें: सिर्फ 38 सौ की है यह टेस्टिंग किट, इतनी जल्दी मिल जाएगा कोरोना की जांच का नतीजा

टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट कर सकते हैं चेक

एक कर्मचारी के तौर पर आपको समय-समय पर ट्रेसेज (TRACES) की वेबसाइट पर फॉर्म 26AS चेक करने की आवश्यकता है। अगर आपके TDS से आपका पैन कार्ड नंबर जुड़ा है तो आप ट्रेसेज (TRACES) की वेबसाइट पर टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट चेक कर सकते हैं। ट्रेसेस की वेबसाइट पर यह सर्विस फ्री में उपलब्ध है।

CBDT ने फॉर्म 26AS क्या किया है बदलाव?

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने फॉर्म 26AS को नए संसोधन के साथ अधिसूचित कर दिया है। अब इस फॉर्म में संपत्ति और शेयर लेनदेन की जानकारि को भी शामिल किया गया है। साथ ही CBDT द्वारा फॉर्म 26AS को एक नया रूप दिया गया है।

यह भी पढ़ें: भगवान पी रहे कोल्ड ड्रिंक: मंदिर का बदला नजारा, गर्मी से शिवजी को ऐसे मिली राहत

अब इस फॉर्म में TDS-TCS के ब्योरे के अलावा किसी करदाता (Taxpayer) द्वारा एक वित्त वर्ष में डिमांड-रिफंड से संबंधित लंबित या पूरी हो चुकी प्रक्रिया, कुछ निश्चित वित्तीय लेनदेन, करों के भुगतान की जानकारी को शामिल किया गया है।

करदाता को इसका ब्योरा आयकर रिटर्न में देना होगा। इसके क्रियान्वयन (Execution) के लिए बजट 2020-21 में आयकर कानून (Income tax law) में एक नई धारा 285 बीबी को जोड़ा गया था। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने जानकारी दी कि संशोधित 26एएस फॉर्म एक जून से प्रभावी होगा।

यह भी पढ़ें: कश्मीर में माहौल बिगाड़ने की पाक की बड़ी साजिश, आतंकी संगठनों की कर रहा मदद

देश दुनिया की और खबरों को तेजी से जानने के लिए बनें रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।

न्यूजट्रैक के नए ऐप से खुद को रक्खें लेटेस्ट खबरों से अपडेटेड । हमारा ऐप एंड्राइड प्लेस्टोर से डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें - Newstrack App