कोरोना संकट से आर्थिक मंदी की चपेट में पूरी दुनिया, उबरने में लगेगा काफी वक्त

कोरोना संकट के कारण पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था मंदी के दौर में प्रवेश कर चुकी है। अब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी इस बात को स्वीकार कर लिया है।

वाशिंगटन: कोरोना संकट के कारण पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था मंदी के दौर में प्रवेश कर चुकी है। अब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी इस बात को स्वीकार कर लिया है। आईएमएफ का मानना है कि इस मंदी से निजात पाना इस बात पर निर्भर करेगा कि हम कितनी जल्दी कोरोना वायरस के संकट से मुक्त हो पाते हैं।

बड़ी रकम और मदद की दरकार

आईएमएफ की प्रमुख क्रिस्टलिना जॉर्जीवाका मानना है कि निश्चित रूप से कोरोना संकट पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए काफी भारी पड़ा है और हम आर्थिक मंदी की चपेट में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि इस संकट से उबरने के लिए दुनियाभर की विकसित अर्थव्यवस्थाओं को बड़ी रकम और मदद की दरकार होगी।

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सम्मिलित प्रयास करना जरूरी

जॉर्जीवा ने कहा कि यह अच्छा संकेत है कि दुनिया भर के शीर्ष नेताओं ने इस बात को स्वीकार किया है कि इस संकट से निपटने के लिए सम्मिलित प्रयास करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थितियों को देखकर यह पूरी तरह स्पष्ट है कि हम आर्थिक मंदी के दौर में प्रवेश कर चुके हैं। कोरोना संकट का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है और दुनिया भर की रफ्तार अचानक रुक गई है। उन्होंने कहा कि उभरते बाजारों को इस संकट से उबरने के लिए कम से कम ढाई लाख करोड़ डालर के मदद की दरकार होगी।

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आपात मदद की गुहार

आईएमएफ की मुखिया ने कहा कि दुनिया भर के तमाम देशों ने इस वैश्विक संस्था से आपात मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि ऐसे देशों की संख्या 80 से ज्यादा है। आईएमएफ की प्रमुख के मुताबिक इस वैश्विक मंदी का असर दो बातों पर निर्भर करेगा।पहली बात तो यह कि हमें देखना होगा कि कोरोना की मार कहां तक और कितनी पड़ती है। दूसरी प्रमुख बात यह है कि हमें यह भी देखना होगा कि दुनिया भर का शीर्ष नेतृत्व कोरोना संकट से निपटने के लिए क्या सम्मिलित प्रयास करता है और हम कहां तक कामयाब हो पाते हैं।

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रिकवरी की उम्मीद बाकी

हालांकि आईएमएफ की प्रमुख ने यह भी कहा कि अभी उम्मीद की किरण बाकी है। यदि हम विश्व भर में कोरोना वायरस पर काबू पाने में कामयाब हो जाते हैं तो इस मंदी में भी रिकवरी संभव है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह मंदी अगले साल यानी 2021 में ही खत्म होने की उम्मीद है।

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शीर्ष नेताओं को मुसीबत से लड़ना होगा

उन्होंने कहा कि इस समय पूरी दुनिया कोरोना वायरस का संकट झेल रही है और इस कारण बाजार और अर्थव्यवस्था पर काफी बुरा असर पड़ा है। इस संकट से उबरने के लिए दुनिया भर के शीर्ष नेताओं को सम्मिलित प्रयास करना होगा और तभी इस मुसीबत से लड़ा जा सकता है।उन्होंने कहा कि यदि हम हर जगह इस वायरस को काबू करने में सफल होते हैं तो निश्चित रूप से रिकवरी की जा सकती है और यह रिकवरी भी शानदार होगी।