खुशखबरी: नहीं जमा करना होगा बच्चों की फीस, सरकार ने किया ऐलान

कोरोना की मार जहां पूरा देश झेल रहा है वहीं घरवालें बच्चों की फीस से परेशान है।

नई दिल्ली: कोरोना की मार जहां पूरा देश झेल रहा है वहीं घरवालें बच्चों की फीस से परेशान है। बहुत से लोगों का काम बंद हो गया है, तो वहीं कुछ का काम जैसे तैसे चल रहा है। ऐसे में बहुत से घरवाले बढ़ती फीस को लेकर दुखी हैं। लेकिन इस पर पंजाब सरकार ने उन्हें राहत देते हुए सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को घोषणा की कि राज्य के सरकारी स्कूल COVID संकट के कारण 2020-21 के शैक्षणिक सत्र के लिए छात्रों से कोई एडमिशन, री- एडमिशन और ट्यूशन फीस नहीं लेंगे।

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सरकारी स्कूल में नहीं देना होगा फीस

अब बात वहीं प्राइवेट स्कूलों की करें तो राज्य सरकार ने पहले ही इस मामले अदालत का रुख कर लिया है, लेकिन सरकारी स्कूलों के लिए पूरे साल के लिए माफ़ कर दिया गया है। सीएम ने ओपन स्कूल प्रणाली में 31,000 10वीं कक्षा के छात्रों को 11वीं कक्षा में प्रमोट किया है। ये फैसला कोरोना वायरस की वजह से लिया गया है।

सीएम ने कल #AskCaptain के संस्करण के दौरान ये ऐलान किया है। उन्होंने कक्षा 12वीं में 98 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 335 छात्रों में से प्रत्येक को 5,100 रुपये का कैश प्राइज देना का ऐलान किया है।

फीस न जमा कर पाने की वजह से छुडवा दिया स्कूल

पंजाब के फतेहगढ़ साहिब के खमनू के एक छोटे से दुकानदार मनप्रीत सिंह ने अपनी बेटी का नाम स्कूल से हटा दिया गया क्योंकि वो उसकी फीस नहीं जमा कर सकता था। सीएम ने कहा कि वह डीसी से पूछेंगे। इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप किया जाएगा और सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्ची को वापस स्कूल में लाया जाए।

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उन्होंने कहा, “कोई भी स्कूल इस तरह से छात्रों को नहीं निकाल सकता है,” उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि अगर कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करता है तो उस कड़ी सजा भुगतनी होगी।

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