यूपी पुलिस में इन पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को मिलेगा नियुक्ति पत्र

सिंगल बेंच ने यह आदेश दर्जनों असफल अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल याचिकाओं पर दिया था। उक्त याचिकाओं में 28 फरवरी 2019 की चयन सूची को चुनौती दी गई थी।

प्रतीकात्मक फोटो

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लखनऊ: हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने यूपी पुलिस रिक्रूटमेंट एंड प्रोमोशन बोर्ड को दरोगा भर्ती 2016 के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र बांटने की छूट दे दी है। कोर्ट के इस आदेश से चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि कोर्ट ने साफ किया है कि नियुक्तियां सिंगल बेंच के समक्ष विचाराधीन याचिका के अंतिम आदेशों के अधीन होगी।

यह आदेश चीफ जस्टिस गोविंद माथुर व जस्टिस जसप्रीत सिंह की बेंच ने सत्येन्द्र कुमार सिंह व अन्य की ओर से दाखिल एक विशेष अपील पर दिया। अपील में सिंगल बेंच के 30 मार्च 2019 के आदेश को चुनौती दी गई थी। उल्लेखनीय है कि सिंगल बेंच ने 30 मार्च को सब-इंस्पेक्टर, प्लाटून कमांडर व फायर फाइटिंग सेकंड ऑफिसर पदों के लिए चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिये जाने पर रोक लगा दी थी।

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सिंगल बेंच ने यह आदेश दर्जनों असफल अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल याचिकाओं पर दिया था। उक्त याचिकाओं में 28 फरवरी 2019 की चयन सूची को चुनौती दी गई थी। असफल अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा के प्राप्तांकों के मानकीकरण व पर्सेंटाइल प्रणाली को विधि विरुद्ध बताया था। वहीं अपील में कहा गया कि अपीलार्थी चयनित अभ्यर्थी हैं और बिना उन्हें पक्षकार बनाए सिंगल बेंच के समक्ष याचिकाएं दाखिल कर दी गईं व सिंगल बेंच ने भी बिना इस कमी को दूर किये, 30 मार्च का आदेश पारित कर दिया।

मामले की सुनवाई के उपरांत कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका को निस्तारित कर दिया कि भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2016 में ही शुरू की गई थी जिसकी चयनित सूची 28 फरवरी 2019 में जारी हो सकी। पर्सेंटाइल प्रणाली परीक्षा होने के पूर्व, 28 जून 2017 को लागू हो चुकी थी लेकिन इस पर किसी अभ्यर्थी ने आपत्ति नहीं की। कोर्ट ने कहा कि इस स्थिति में पूरे भर्ती प्रक्रिया को रोकना उचित नहीं माना।

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